Cyber Security Internship: गुरुग्राम पुलिस तैयार करेगी साइबर रक्षकों की नई फौज, देश भर से चुने गए 1000 युवा

साइबर क्राइम के मामलों में डिजिटल सबूतों को कानूनी तौर पर जुटाना और संभालना। इंटरनेट बैंकिंग, सोशल मीडिया को सुरक्षित रखना और देश के साइबर कानूनों की समझ।

Cyber Security Internship: साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और डिजिटल सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से गुरुग्राम पुलिस की बेहद प्रतिष्ठित पहल ‘गुरुग्राम पुलिस साइबर सिक्योरिटी समर इंटर्नशिप (GPCSSI 2026)’ के 13वें बैच का मंगलवार को भव्य शुभारंभ हो गया। डीएवी पब्लिक स्कूल, सेक्टर-49 में आयोजित इस उद्घाटन समारोह में देशभर से आए प्रतिभावान युवाओं ने हिस्सा लिया

यह पूरी मुहिम गुरुग्राम पुलिस के नेतृत्व और सुप्रसिद्ध साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. रक्षित टंडन के मार्गदर्शन में साइबर अपराध प्रकोष्ठ और साइबर अपराध थानों के सहयोग से चलाई जा रही है।

इस वर्ष इस इंटर्नशिप कार्यक्रम को लेकर युवाओं में भारी उत्साह देखा गया। देश के विभिन्न राज्यों से कुल 11,000 से अधिक आवेदन पुलिस को प्राप्त हुए थे। आवेदकों की योग्यता और तकनीकी समझ को परखने के बाद बेहद कड़े मुकाबले में से केवल 1,000 से अधिक प्रतिभागियों का चयन किया गया है। इनमें से 500 युवाओं को ‘साइबर एम्बेसडर’ और 500 से अधिक को ‘साइबर वॉरियर्स’ के रूप में चुना गया है। इन चयनित प्रतिभागियों में केवल स्कूल-कॉलेज के छात्र ही नहीं, बल्कि बड़े शोधकर्ता, साइबर सुरक्षा पेशेवर और विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों के विशेषज्ञ युवा भी शामिल हैं।

समारोह के मुख्य अतिथि  प्रतीक गहलोत (IPS), पुलिस उपायुक्त (DCP) साइबर एवं ट्रैफिक, गुरुग्राम रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस खास मौके पर सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) साइबर अपराध श्री गौरव फोगाट (HPS), डीएवी पब्लिक स्कूल सेक्टर-49 की प्राचार्या चारु मैनी, साइबर विशेषज्ञ डॉ. रक्षित टंडन सहित पुलिस के तमाम वरिष्ठ अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

डीसीपी प्रतीक गहलोत ने चयनित इंटर्न्स को संबोधित करते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा देश की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे इस एक महीने के प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाएं और समाज में जाकर डिजिटल सुरक्षा और जिम्मेदार ऑनलाइन व्यवहार के प्रति लोगों को जागरूक करें।

इस एक माह की गहन इंटर्नशिप के दौरान देश के शीर्ष विशेषज्ञ इन 1,000 से अधिक साइबर रक्षकों को व्यावहारिक और तकनीकी रूप से प्रशिक्षित करेंगे। इस ट्रेनिंग में मुख्य रूप से निम्नलिखित आधुनिक विषयों को शामिल किया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए होने वाले डीपफेक और वॉयस क्लोनिंग जैसे अपराधों की पहचान।  ओपन सोर्स इंटेलिजेंस के जरिए डिजिटल सुराग ढूंढना।

साइबर क्राइम के मामलों में डिजिटल सबूतों को कानूनी तौर पर जुटाना और संभालना। इंटरनेट बैंकिंग, सोशल मीडिया को सुरक्षित रखना और देश के साइबर कानूनों की समझ।

इसके अलावा, ये सभी प्रतिभागी जमीनी स्तर पर साइबर जागरूकता अभियानों, शोध परियोजनाओं, नवाचार (Innovation) चुनौतियों और सामुदायिक कार्यक्रमों में भाग लेकर समाज को जागरूक करने का काम करेंगे।

गुरुग्राम पुलिस पिछले 13 सालों से लगातार GPCSSI के माध्यम से युवाओं, उद्योग जगत के दिग्गजों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को एक मंच पर लाने का अभूतपूर्व कार्य कर रही है। पुलिस का मुख्य विज़न इस इंटर्नशिप के माध्यम से जिम्मेदार डिजिटल नागरिकों और भविष्य के कुशल साइबर रक्षकों की एक ऐसी नई पीढ़ी तैयार करना है, जो साइबर

Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
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