Cyber Fraud : FD तोड़कर साइबर अपराधियों ने उड़ाए 9.75 लाख , बैंक मैनेजर पर लापरवाही का आरोप

मैसेज आने पर पीड़ित ने रिलेशनशिप मैनेजर को लगाया था फोन, बैंक ने कहा सोमवार को आना समय पर एक्शन होता तो बच जाती रकम

Cyber Fraud : साइबर सिटी में ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले जालसाजों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वरिष्ठ नागरिकों की जीवनभर की जमा-पूंजी भी बैंकों में सुरक्षित नहीं है। ताजा मामला सिविल लाइंस स्थित एक निजी बैंक का है, जहां शातिर ठगों ने बिक्री कर विभाग (सेल्स टैक्स डिपार्टमेंट) के एक सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर की करीब पौने दस लाख रुपये की फिक्सड डिपॉजिट (FD) को तोड़कर पूरी रकम साफ कर दी।

इस मामले में पीड़ित ने बैंक प्रबंधन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि ठगी की भनक लगते ही उन्होंने तुरंत बैंक को सूचित किया था, लेकिन बैंक कर्मियों की सुस्ती और लापरवाही के कारण उनकी गाढ़ी कमाई डूब गई। पीड़ित बुजुर्ग ने सोमवार को साइबर अपराध थाना (पूर्व) में लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित श्याम दास गुरुग्राम के सेक्टर-31 इलाके के रहने वाले हैं। वह बिक्री कर विभाग से इंस्पेक्टर के पद से सेवानिवृत्त हैं। पुलिस को दी गई शिकायत में श्याम दास ने बताया कि उनका सिविल लाइंस स्थित एक निजी बैंक में बचत खाता है।

उन्होंने अपनी बचत को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से पिछले सप्ताह ही बैंक शाखा में जाकर 9 लाख 75 हजार रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) करवाई थी। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि बैंक के सुरक्षित सिस्टम के बीच बैठी उनकी यह रकम इतनी जल्दी अपराधियों के निशाने पर आ जाएगी।

पीड़ित के अनुसार, रविवार को अचानक उनके मोबाइल पर बैंक खाते से रुपये निकलने के लगातार मैसेज आने लगे। एक के बाद एक ट्रांजेक्शन के मैसेज देखकर बुजुर्ग के होश उड़ गए। उन्होंने बिना समय गंवाए तुरंत बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर को फोन मिलाया और खाते में हो रही इस संदिग्ध गतिविधि की पूरी जानकारी दी।

पीड़ित का आरोप है कि आपातकालीन स्थिति होने के बावजूद रिलेशनशिप मैनेजर ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। कोई त्वरित संज्ञान (Action) लेने या खाते को तुरंत फ्रीज करने के बजाय मैनेजर ने बेहद गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए पीड़ित को सोमवार को बैंक आकर बात करने की सलाह दी।

सोमवार सुबह जब पीड़ित श्याम दास सिविल लाइंस स्थित बैंक शाखा में पहुंचे और अपनी एफडी टूटने की लिखित शिकायत दी, तब भी बैंक कर्मियों का ढुलमुल रवैया जारी रहा। आरोप है कि शिकायत सौंपने के करीब एक घंटे बाद बैंक अधिकारियों ने मामले पर संज्ञान लिया और औपचारिकताएं पूरी कर उन्हें ठगी की पुष्टि की।

पीड़ित ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि यदि रविवार को ही रिलेशनशिप मैनेजर उनके फोन पर तुरंत एक्शन ले लेते या सोमवार सुबह बैंक पहुंचते ही स्टाफ सक्रिय हो जाता, तो ठगों के ट्रांजेक्शन को बीच में ही रोका जा सकता था और उनकी भारी-भरकम रकम बच जाती।

बैंक से निराश होने के बाद पीड़ित श्याम दास सीधे साइबर अपराध थाना पूर्व (Cyber Crime Police Station, East) पहुंचे और अपनी आपबीती बताते हुए शिकायत दर्ज कराई। साइबर थाने के जांच अधिकारी ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर मामले की तकनीकी और प्राथमिक जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस की साइबर सेल अब उस डिजिटल रूट (IP Address और बैंक ट्रांजेक्शन ट्रेल) को ट्रैक कर रही है, जिसके जरिए एफडी की रकम को दूसरे खातों में ट्रांसफर किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को चिन्हित कर लिया जाएगा और इस मामले में बैंक के स्तर पर हुई सुरक्षा चूक की भी जांच की जाएगी।

किसी भी साइबर वित्तीय ठगी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें ताकि शुरुआती घंटों (Golden Hours) में ठगी की गई रकम को पुलिस द्वारा ब्लॉक कराया जा सके। रविवार या छुट्टी के दिन किसी व्यक्तिगत मैनेजर को फोन करने के साथ-साथ तुरंत बैंक के आधिकारिक 24×7 कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करके कार्ड या नेट बैंकिंग को तुरंत ब्लॉक करवाएं।

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
Back to top button