गुरुग्राम में City Bus Service बदहाल: वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर ड्राइवर-कंडक्टरों ने किया चक्का जाम, मची हाहाकार
आश्वासन की राजनीति से तंग आए 500 कर्मचारी हड़ताल पर, GMCBL के सीईओ विश्वजीत ने साधी चुप्पी

City Bus Service : दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र गुरुग्राम की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था बृहस्पतिवार सुबह पूरी तरह चरमरा गई। गुरुग्राम महानगर सिटी बस सेवा (GMCBL) के सेक्टर-52 बस डिपो से जुड़े करीब 500 ड्राइवर और कंडक्टर अपनी मांगों को लेकर अचानक हड़ताल पर चले गए। इस चक्का जाम के कारण डिपो से चलने वाली 100 से अधिक लो-फ्लोर सीएनजी बसों के पहिये थम गए, जिससे सुबह-सुबह ऑफिस, कॉलेज और अपने गंतव्य पर जाने वाले हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
City Bus Service : बार-बार का आश्वासन, समाधान शून्य
यह कोई पहली बार नहीं है जब जीएमसीबीएल के कर्मचारियों ने इस तरह का कदम उठाया हो। इससे पहले भी कई बार वेतन वृद्धि, वर्दी भत्ता और बुनियादी सुविधाओं की मांगों को लेकर कर्मचारी हड़ताल पर जा चुके हैं। हर बार प्रबंधन और अधिकारियों द्वारा केवल “आश्वासन” का झुनझुना थमाकर उन्हें काम पर वापस बुला लिया जाता है, लेकिन धरातल पर उनकी समस्याओं का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता। बार-बार मिल रहे इसी धोखे से तंग आकर इस बार कर्मचारियों ने आर-पार की लड़ाई का मूड बना लिया है।
City Bus Service : अधिकारी बने अनजान: CEO ने नहीं उठाया फोन
इस पूरे गतिरोध और यात्रियों को हो रही परेशानी पर जब हमारी टीम ने GMCBL के सीईओ (CEO) विश्वजीत जी से उनका पक्ष जानने की कोशिश की, तो शीर्ष प्रबंधन का गैर-जिम्मेदाराना रवैया सामने आया। हमारे प्रतिनिधि द्वारा उन्हें कई बार कॉल किया गया, लेकिन उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। फोन का जवाब न मिलने पर उन्हें मामले से जुड़ा मैसेज (SMS/WhatsApp) भी भेजा गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया है। अधिकारियों की यह चुप्पी दर्शाती है कि शहर की इस बदहाल होती व्यवस्था को लेकर प्रशासन कितना गंभीर है।
City Bus Service : बस स्टैंड्स पर लगी रही कतारें, ऑटो चालकों ने की मनमानी
सुबह 5 बजे से शुरू हुई इस हड़ताल का असर शहर की सड़कों पर साफ देखने को मिला। गुरुग्राम में दो प्रमुख डिपो (सेक्टर-52 और सेक्टर-10) हैं, जिनमें से सेक्टर-52 डिपो के अंतर्गत आने वाले 30 से अधिक रूट पूरी तरह प्रभावित रहे। बसों के न चलने के कारण बस स्टॉप पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस स्थिति का फायदा उठाकर ऑटो और कैब चालकों ने यात्रियों से मनमाना किराया वसूला, जिससे आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ा।
यात्रियों का दर्द: “सिटी बस गुरुग्राम की लाइफलाइन है, जो सस्ती और सुलभ है। बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक बसें बंद होने से हमारी पूरी दिनचर्या बिगड़ गई और मजबूरी में तीन गुना किराया देकर ऑफिस पहुंचना पड़ रहा है।”