Cab Driver हत्याकांड: ब्लेड से गला काटकर की थी हत्या, Gurugram Court ने 03 दरिंदों को सुनाई आजीवन कारावास की सज़ा
पुलिस जांच में पाया गया कि जयपाल सिंह का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई थी। आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि 21 दिसंबर 2019 को उन्होंने पालम विहार क्षेत्र से जयपाल की कार में लिफ्ट माँगी। हत्या का तरीका: उन्होंने टैक्सी चालक के गले पर ब्लेड से वार किया और फिर कम्बल से उ

Cab Driver : गुरुग्राम की एक अदालत ने एक सनसनीखेज टैक्सी अपहरण, लूट और हत्या के मामले में फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों को आजीवन कारावास और भारी जुर्माने की सजा दी है। यह फैसला गुरुग्राम पुलिस की प्रभावी जांच और सटीक पैरवी का परिणाम है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, सुनील कुमार की अदालत ने मुजफ्फरनगर (यूपी) निवासी साकिब अन्सारी (26), अल्मोड़ा (उत्तराखंड) निवासी पंकज सिंह (24), और मुजफ्फरनगर निवासी प्रिन्सपाल (23) को दोषी करार दिया।
यह मामला 23 नवंबर 2019 को तब सामने आया जब सांई टूर एंड ट्रैवल एजेंसी के मालिक सुरजन सिंह चौहान ने पालम विहार पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनका ड्राइवर जयपाल सिंह (निवासी बुडेका, यूपी) 21 नवंबर 2019 की रात करीब 10:30 बजे पालम विहार में एक यात्री को छोड़ने के बाद अपनी सफेद रंग की कमर्शियल कार के साथ लापता हो गया।
पुलिस जांच में पाया गया कि जयपाल सिंह का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई थी। आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि 21 दिसंबर 2019 को उन्होंने पालम विहार क्षेत्र से जयपाल की कार में लिफ्ट माँगी।
हत्या का तरीका: उन्होंने टैक्सी चालक के गले पर ब्लेड से वार किया और फिर कम्बल से उसका गला घोंटकर निर्मम हत्या कर दी।
सबूत मिटाने की कोशिश: हत्या के बाद, तीनों आरोपी मृतक जयपाल के शव को शंकर चौक से हनुमान मंदिर वाले रास्ते में झाड़ियों में फेंककर पत्थरों से दबा दिया और उसकी कार व मोबाइल लेकर फरार हो गए।
पुलिस टीम ने लगभग एक महीने तक चले गहन तलाशी अभियान और तकनीकी सहायता के बाद 19 दिसंबर 2019 को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर ही झाड़ियों और पत्थरों के नीचे से मृतक जयपाल सिंह का शव बरामद किया गया था।
अदालत ने अपराधियों के जघन्य कृत्य को देखते हुए उन्हें भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत कठोर सजा सुनाई।
| अपराध की धारा | सज़ा का प्रावधान | जुर्माना (प्रति आरोपी) |
| धारा 302/34 (हत्या) | आजीवन कारावास | ₹50,000 |
| धारा 364/34 (अपहरण) | आजीवन कारावास | ₹50,000 |
| धारा 201/34 (सबूत मिटाना) | 07 साल की कैद | ₹25,000 |
| धारा 397/34 (लूट) | 07 साल की कैद | ₹25,000 |