Real Estate में AI का गेम चेंजर फैसला: H-RERA ने बिल्डर को दिया झटका, 30% अतिरिक्त राशि लौटाने का आदेश

AI रिपोर्ट्स के अनुसार, गुरुग्राम में 2020 से 2025 के बीच आवासीय संपत्ति की कीमतों में 84% तक की वृद्धि हुई है। कुछ रिपोर्ट्स में बीते दो वर्षों में भी 67% तक की बढ़ोतरी बताई गई है।

Real Estate सेक्टर में एक अभूतपूर्व घटनाक्रम सामने आया है, जहां हरियाणा रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (H-RERA), गुरुग्राम ने बाजार मूल्यांकन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करते हुए एक बिल्डर को खरीदार को बड़ी राहत देने का आदेश दिया है। यह मामला न केवल बिल्डर-खरीदार विवादों में एआई के उपयोग का पहला उदाहरण है, बल्कि समय पर फ्लैट न देने से हुई कीमतों में बढ़ोतरी के लिए खरीदार को मुआवजा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

याचिकाकर्ता, नई दिल्ली निवासी महक, ने गुरुग्राम के सेक्टर-88 में वाटिका कंपनी के ‘एक्सप्रेशन’ रिहायशी प्रोजेक्ट में एक फ्लैट बुक किया था।

बीबीए (BBA) की तारीख: 20 अप्रैल 2016

फ्लैट की कीमत: ₹85.63 लाख

भुगतान की गई राशि: ₹31.63 लाख

पजेशन की वादा की गई तारीख: 20 अप्रैल 2020

कंपनी वादा किए गए समय से करीब डेढ़ साल बाद भी पजेशन नहीं दे पाई। इसके बाद, महक ने H-RERA में याचिका दायर की। प्राधिकरण ने 2022 में कंपनी को निर्देश दिया कि वह महिला को उनकी जमा राशि 10.85% की ब्याज दर से वापस करे, जिसे कंपनी ने लौटा दिया था।

2023 में, महक ने फिर से प्राधिकरण से संपर्क किया और तर्क दिया कि कंपनी ने उनकी पूंजी का उपयोग किया, लेकिन उन्हें फ्लैट नहीं मिला, जबकि इस दौरान संपत्ति की कीमतों में भारी उछाल आ गया है।

निर्णायक अधिकारी राजेंद्र कुमार ने इस मामले में बाजार की कीमतों का मूल्यांकन करने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया।

H-RERA का AI आधारित निरीक्षण: एआई रिपोर्ट्स के अनुसार, गुरुग्राम में 2020 से 2025 के बीच आवासीय संपत्ति की कीमतों में 84% तक की वृद्धि हुई है। कुछ रिपोर्ट्स में बीते दो वर्षों में भी 67% तक की बढ़ोतरी बताई गई है।

प्राधिकरण ने एआई डेटा को निर्णायक प्रमाण न मानते हुए भी इसे ‘न्यायिक संज्ञान’ के रूप में स्वीकार किया कि अचल संपत्तियों—चाहे वह प्लॉट हो, आवासीय मकान हो या वाणिज्यिक—की कीमतों में 2020 से 2025 के बीच उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

AI-आधारित मूल्यांकन को आधार बनाते हुए, H-RERA ने वाटिका कंपनी को खरीदार को समय पर पजेशन न देने और संपत्ति की कीमतों में हुई वृद्धि के कारण हुए नुकसान की भरपाई करने का आदेश दिया।

भुगतान का नया आदेश: कंपनी को महिला द्वारा जमा की गई राशि ₹31.63 लाख का 30% यानी ₹9.34 लाख अतिरिक्त रूप से लौटाने का आदेश दिया गया है।

मुआवजा: मानसिक परेशानी के लिए ₹1 लाख और कानूनी खर्च के लिए ₹1 लाख अतिरिक्त देने का आदेश।

यह फैसला रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक नई मिसाल कायम करता है, जो खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए तकनीकी नवाचार (AI) का उपयोग करता है और बिल्डरों को समय पर प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए मजबूर करता है।

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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