Delhi में अब इलेक्ट्रिक कार खरीदना होगा सस्ता: नई EV पॉलिसी 2.0 में मिलेगी बंपर सब्सिडी, पुराने वाहन बदलने पर भी फायदा
सरकार चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को इतना सरल बनाना चाहती है कि लोग अपने मोबाइल की तरह घर के पास ही वाहन चार्ज कर सकें। इसके लिए 'सिंगल विंडो सिस्टम' और 'बैटरी स्वैपिंग' (बैटरी बदलने की सुविधा) पर जोर दिया जा रहा है।

Delhi : राजधानी दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम लगाने और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2.0’ का खाका पेश किया है। आगामी वित्त वर्ष (अप्रैल 2026) से लागू होने वाली इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य दिल्ली को देश की ‘ईवी राजधानी’ बनाना है। इस पॉलिसी में न केवल नई गाड़ियों पर सब्सिडी मिलेगी, बल्कि पुराने पेट्रोल-डीजल वाहनों को स्क्रैप करने पर भी अतिरिक्त आर्थिक प्रोत्साहन (Incentive) दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ईवी को हर मध्यम वर्ग के परिवार की पहुंच में लाना है। नई पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक और पेट्रोल-डीजल गाड़ियों के बीच कीमतों के अंतर को पाटने के लिए सरकार भारी सब्सिडी प्रदान करेगी। हालांकि सब्सिडी की अंतिम राशि अभी तय की जा रही है, लेकिन संकेत दिए गए हैं कि यह पिछली पॉलिसी के मुकाबले अधिक आकर्षक होगी।

बंपर सब्सिडी: नई इलेक्ट्रिक कार, स्कूटर या ऑटो खरीदने पर सीधे नकद लाभ।
स्क्रैपेज इंसेंटिव: यदि आप अपना पुराना प्रदूषण फैलाने वाला वाहन स्क्रैप करके नया ईवी खरीदते हैं, तो आपको विशेष बोनस मिलेगा।
चार्जिंग का नेटवर्क: रिहायशी कॉलोनियों और मार्केट एरिया में चार्जिंग पॉइंट्स का विस्तार किया जाएगा। 2030 तक 5,000 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन बनाने का लक्ष्य है।
टैक्स में छूट: रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस से पूरी तरह मुक्ति।
सरकार चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को इतना सरल बनाना चाहती है कि लोग अपने मोबाइल की तरह घर के पास ही वाहन चार्ज कर सकें। इसके लिए ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ और ‘बैटरी स्वैपिंग’ (बैटरी बदलने की सुविधा) पर जोर दिया जा रहा है। इससे उन लोगों की चिंता दूर होगी जो लंबी दूरी तय करने के दौरान बैटरी खत्म होने से डरते हैं।
बीते 10 महीनों में दिल्ली में एक लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। सरकार का मानना है कि जब अधिक से अधिक लोग ईवी अपनाएंगे, तो हवा में मौजूद घातक कणों (PM 2.5 और PM 10) के स्तर में बड़ी गिरावट आएगी। ऊर्जा मंत्री आशीष सूद की अध्यक्षता वाली कमेटी फिलहाल इस पॉलिसी के अंतिम ढांचे को तैयार कर रही है।
पुरानी पॉलिसी (2020) में दोपहिया वाहनों पर 5,000 रुपये प्रति kWh की दर से सब्सिडी मिलती थी। नई पॉलिसी में इसे और अधिक पारदर्शी और प्रक्रिया को सरल (40 दिन के बजाय 5 दिन में भुगतान) बनाने का प्रस्ताव है।













