BIg Action : मानेसर नगर निगम के दो सेनेटरी इंस्पेक्टर सस्पेंड, जानिए क्या है पूरा मामला
इन दोनों कर्मचारियों पर ड्यूटी से लगातार नदारद रहने, वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने और जारी किए गए कारण बताओ नोटिस का समय पर जवाब न देने के गंभीर आरोप हैं।

BIg Action : नगर निगम मानेसर (MCM) के आयुक्त ने प्रशासनिक स्तर पर एक बेहद सख्त कदम उठाते हुए दो सेनेटरी इंस्पेक्टरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है। जिन अधिकारियों पर गाज गिरी है, उनमें सेनेटरी इंस्पेक्टर सुमित हुड्डा और सेनेटरी इंस्पेक्टर सुमित कुमार शामिल हैं।
इन दोनों कर्मचारियों पर ड्यूटी से लगातार नदारद रहने, वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने और जारी किए गए कारण बताओ नोटिस का समय पर जवाब न देने के गंभीर आरोप हैं। निगम आयुक्त ने इस कार्रवाई से साफ संदेश दिया है कि जनता के कार्यों में किसी भी तरह की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई पिछले दिनों हुई दो बड़ी लापरवाहियों के बाद अमल में लाई गई है। दोनों सेनेटरी इंस्पेक्टर 22 मई को आयोजित एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक में शामिल नहीं हुए। इसके बाद, 24 मई को वाहनों के विशेष निरीक्षण (Vehicle Inspection) के दौरान भी दोनों बिना किसी पूर्व सूचना के ड्यूटी से गायब पाए गए थे।
हैरानी की बात यह रही कि जब उच्चाधिकारियों द्वारा इस दौरान उनसे टेलीफोन के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने कॉल का कोई जवाब नहीं दिया। इस अनुशासनहीनता को देखते हुए संयुक्त आयुक्त कार्यालय द्वारा 25 मई को दोनों को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किया गया था, लेकिन दोनों ही कर्मचारियों ने तय समय सीमा के भीतर इसका कोई जवाब दाखिल करना जरूरी नहीं समझा। इसे काम के प्रति घोर लापरवाही मानते हुए आयुक्त ने निलंबन के आदेश जारी कर दिए।
दोनों निलंबित कर्मचारियों ने अपनी अनुपस्थिति के बारे में किसी भी उच्च अधिकारी को पहले से सूचित या अनुमति नहीं ली थी। अधिकारियों का कहना है कि बैठक और निरीक्षण जैसे महत्वपूर्ण मौकों पर उनके अचानक गायब रहने से निगम के कार्यों के उचित प्रबंधन और साफ-सफाई की व्यवस्था में गंभीर बाधा उत्पन्न हुई। नोटिस का जवाब न देकर उन्होंने अनुशासनहीनता की सारी हदें पार कर दी थीं।
सूत्रों के मुताबिक, इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ पहले भी कई बार काम में लापरवाही को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई हो चुकी है। लेकिन इसके बाद भी दोनों के आचरण में कोई सुधार नहीं हो रहा था, जिसके चलते आखिरकार यह सख्त कदम उठाना पड़ा।
मामले की गंभीरता और बार-बार की जा रही लापरवाही को देखते हुए नगर निगम आयुक्त ने ‘हरियाणा सिविल सेवा (दंड और अपील) नियम, 2016’ के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह निलंबन आदेश जारी किया है। प्रशासन ने साफ किया है कि इन दोनों कर्मचारियों के खिलाफ अभी आगे की अनुशासनात्मक विभागीय कार्यवाही (Departmental Inquiry) को लंबित रखा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद उनके खिलाफ और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
निलंबन अवधि के दौरान दोनों कर्मचारियों का मुख्यालय (Headquarters) संयुक्त आयुक्त-1, नगर निगम मानेसर का कार्यालय तय किया गया है। आदेश में उन्हें कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे तुरंत वहां जाकर अपनी हाजिरी रिपोर्ट करें। निलंबन के दौरान वे सक्षम अधिकारी की पूर्व लिखित अनुमति के बिना इस मुख्यालय को छोड़कर कहीं बाहर नहीं जा सकेंगे। हालांकि, नियमों के अनुसार उन्हें इस अवधि के दौरान गुजारा भत्ता (Subsistence Allowance) मिलता रहेगा।