Bandhwadi Landfill Site को लेकर एक्शन प्लॉन तैयार : 96 करोड़ रुपये खर्च कर 2027 तक कूड़े का पहाड़ खत्म करने की प्लानिंग
पिछले डेढ़ साल से निस्तारण प्रक्रिया ठप होने के कारण कचरे का ढेर 20 मीटर से अधिक ऊंचा हो चुका है। निगम की इस योजना में सबसे बड़ी अड़चन फरीदाबाद का कचरा है।

Bandhwadi Landfill Site : अरावली की पहाड़ियों के बीच वर्षों से जमा बंधवाड़ी लैंडफिल साइट की समस्या को सुलझाने के लिए नगर निगम (MCG) ने एक निर्णायक कदम उठाया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में मंगलवार को होने वाली महत्वपूर्ण सुनवाई से पहले निगम ने 96 करोड़ रुपये का विस्तृत एक्शन प्लान तैयार किया है। इस योजना के तहत मार्च 2027 तक बंधवाड़ी के कचरे के पहाड़ को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
तीसरी कोशिश में सफल हुए इस टेंडर के बाद अब दो अनुभवी कंपनियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। दोनों एजेंसियों को सात-सात लाख टन कचरे का निस्तारण करना होगा। प्रति माह डेढ़ लाख मीट्रिक टन कूड़े के निस्तारण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निस्तारण के लिए आधुनिक मशीनों का उपयोग किया जाएगा। काम में देरी होने पर एजेंसियों पर कड़े जुर्माने का भी प्रावधान है।
पिछले डेढ़ साल से निस्तारण प्रक्रिया ठप होने के कारण कचरे का ढेर 20 मीटर से अधिक ऊंचा हो चुका है। निगम की इस योजना में सबसे बड़ी अड़चन फरीदाबाद का कचरा है। गुरुग्राम से रोजाना 1200 टन और फरीदाबाद से लगभग 1000 टन नया कचरा यहाँ पहुँच रहा है। रोजाना जमा हो रहे इस 2200 टन नए कचरे के कारण पुराने मलबे को हटाने की गति प्रभावित हो रही है।
नगर निगम का दावा है कि यदि यह योजना सफल रहती है, तो 2027 तक अरावली क्षेत्र की हवा और भूजल को जहरीले प्रदूषण से मुक्ति मिल जाएगी। मीथेन गैस और दुर्गंध से परेशान स्थानीय निवासियों के लिए यह प्रोजेक्ट किसी वरदान से कम नहीं है।











