Gurugram में शर्मनाक वारदात: DLF Phase-3 में भाषा को लेकर विवाद, बिहार के युवक को पीट-पीटकर किया अधमरा
मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले (ग्राम संदेरा) के रहने वाले आदित्य राज पाण्डेय गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-3 के यू-ब्लॉक में किराए पर रहते हैं। वह सेक्टर-48 स्थित एक नामी टेलीपरफॉर्मेंस कंपनी में नौकरी करते हैं।

Gurugram : साइबर सिटी के सबसे पॉश इलाकों में शुमार डीएलएफ फेज-3 (DLF Phase-3) से क्षेत्रवाद और आपसी वैमनस्य की एक बेहद शर्मनाक और खौफनाक वारदात सामने आई है। यहाँ एक निजी कंपनी में कार्यरत बिहार के मूल निवासी युवक को महज इसलिए बेरहमी से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया गया, क्योंकि हमलावरों को उसकी भाषा (बोली) समझ नहीं आ रही थी।
आरोपियों ने पीड़ित पर तब तक थप्पड़ और मुक्कों की बरसात की, जब तक वह लहूलुहान होकर बेहोश नहीं हो गया। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले (ग्राम संदेरा) के रहने वाले आदित्य राज पाण्डेय गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-3 के यू-ब्लॉक में किराए पर रहते हैं। वह सेक्टर-48 स्थित एक नामी टेलीपरफॉर्मेंस कंपनी में नौकरी करते हैं।
20 मई की रात को उनके सहकर्मी और दोस्त अंश त्यागी ने उन्हें फोन कर अपने एक अन्य दोस्त जोएल के कमरे पर मिलने के लिए बुलाया था। आदित्य रात करीब दो बजे जब दोस्त के कमरे पर पहुंचे, तो वहां पहले से ही अंश त्यागी और जोएल के अलावा उदय सनसनवाल, निखिल सनसनवाल और एक लड़की मौजूद थे।
कुछ देर बाद जोएल नीचे बाजार से खाने-पीने का सामान लेने चला गया। कमरे में मौजूद उदय और निखिल शराब के नशे में पूरी तरह धुत थे। पीड़ित आदित्य ने बताया बातों-बातों में अचानक उदय और निखिल मेरे गृह राज्य (बिहार) और मेरी भाषा को लेकर फब्तियां कसने लगे। उन्होंने कहा कि हमें तुम्हारी भाषा समझ में नहीं आ रही है। इसके बाद वे गाली-गलौज पर उतर आए। जब मैंने इस पर कड़ी आपत्ति जताई, तो आरोपी उदय ने मुझे एक जोरदार थप्पड़ जड़ दिया।”
कमरे में मौजूद दोस्त अंश त्यागी ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग करने की कोशिश की, लेकिन नशे में धुत्त उदय और निखिल ने पूरी तरह आपा खो दिया। दोनों ने मिलकर आदित्य को घेर लिया और उसके सिर, चेहरे और आंखों पर ताबड़तोड़ मुक्के बरसाने शुरू कर दिए। इसी बीच जोएल भी नीचे से कमरे में वापस आ गया।
अंश और जोएल ने बड़ी मुश्किल से आदित्य को हमलावरों के चंगुल से छुड़ाया। पीड़ित का कहना है कि अगर दोनों दोस्त समय पर नहीं बचाते, तो आरोपी उसे जान से मार डालते। वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गए।
गंभीर चोटों के कारण आदित्य मौके पर ही बेहोश हो गए थे। उनके दोस्तों ने उन्हें तुरंत इलाज के लिए पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चल रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएलएफ फेज-3 थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।