March तक मिलेंगी 200 City Bus, गुरुग्राम की बढेगी रफ्तार
तीन दिवसीय इस महत्वपूर्ण आयोजन में शोध संगोष्ठी, पूर्ण सत्र, तकनीकी सत्र, पैनल चर्चाएं और इंटरेक्टिव प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी, जिसका उद्देश्य शहरी परिवहन के क्षेत्र में उभरते मुद्दों, रुझानों और चुनौतियों पर विचार-विमर्श करना है।

March राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के प्रमुख केंद्र, गुरुग्राम में 18वें अर्बन मोबिलिटी इंडिया (UMI) सम्मेलन एवं प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय यह प्रतिष्ठित आयोजन 9 नवंबर तक होटल हयात रेजिडेंसी, सेक्टर-83 में चलेगा। इसका उद्घाटन केंद्रीय शहरी एवं आवासन मंत्री मनोहर लाल ने किया, जो देश के शहरी परिवहन भविष्य को आकार देने वाली चर्चाओं के लिए मंच तैयार करेगा।
सम्मेलन के उद्घाटन से पूर्व, आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के ओएसडी (शहरी परिवहन) जयदीप ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि पीएम ई-सेवा योजना के तहत, गुरुग्राम और फरीदाबाद के नागरिकों को मार्च 2026 तक 200 नई इलेक्ट्रिक बसें सम्मेलन का केंद्रीय विषय,विकास और गतिशीलता का तालमेल पर चर्चा होगी

इस वर्ष के सम्मेलन का मुख्य विषय ‘शहरी विकास और गतिशीलता का संबंध’ है। यह आयोजन इस बात पर केंद्रित है कि कैसे शहरी नियोजन और परिवहन नीतियां एक-दूसरे को प्रभावित करती हैं, और इनका सीधा असर आर्थिक विकास, पर्यावरणीय स्थिरता, सामाजिक समानता और जनस्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों पर पड़ता है।
- उद्देश्य: शहरों के नीति निर्माताओं और विशेषज्ञों को वैश्विक स्तर पर हो रहे नवीनतम स्मार्ट परिवहन समाधानों और तकनीकी नवाचारों से परिचित कराना।
- मंच: यह सम्मेलन देश-विदेश के विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं, सेवा प्रदाताओं और तकनीकी संस्थानों को एक साझा मंच प्रदान करेगा, ताकि प्रभावी और टिकाऊ शहरी परिवहन प्रणालियों के निर्माण की दिशा में सामूहिक पहल की जा सके।
एचएसवीपी के मुख्य प्रशासक और जीएमआरएल के प्रबंध निदेशक डॉ. चंद्रशेखर खरे ने इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम की मेजबानी को गुरुग्राम के लिए एक गौरवशाली अवसर बताया। उन्होंने कहा कि यह मंच राज्य की प्रगति, विशेष रूप से सतत शहरी विकास और बुनियादी ढांचे के नवाचार को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करेगा। उद्घाटन समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहु और केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह भी उपस्थित रहे।

तीन दिवसीय इस महत्वपूर्ण आयोजन में शोध संगोष्ठी, पूर्ण सत्र, तकनीकी सत्र, पैनल चर्चाएं और इंटरेक्टिव प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी, जिसका उद्देश्य शहरी परिवहन के क्षेत्र में उभरते मुद्दों, रुझानों और चुनौतियों पर विचार-विमर्श करना है।










