Bulldozer के आगे ढाल बनकर खड़ी हुईं महिलाएं, सोसायटी में HSVP का भारी विरोध, बिना कार्रवाई लौटी टीम
सेक्टर-37सी में राजस्व रास्ते पर बनी दीवार ढाने पहुंची थी टीम; 300 से अधिक लोगों ने किया हंगामा, पुलिस बल कम पड़ने पर खाली हाथ लौटे अफसर।

Bulldozer/गुरुग्राम
शहर के सेक्टर-37सी स्थित क्रोना ऑप्टस सोसायटी में बृहस्पतिवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) का तोड़फोड़ दस्ता अतिक्रमण हटाने पहुंचा। कार्रवाई शुरू होते ही सोसायटी की लगभग 100 से अधिक महिलाएं Bulldozer के आगे खड़ी हो गईं। देखते ही देखते मौके पर 250 से 300 निवासियों की भीड़ इकट्ठा हो गई और उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। पर्याप्त पुलिस बल न होने के कारण HSVP टीम को कार्रवाई रोककर बैरंग वापस लौटना पड़ा।
क्या है पूरा विवाद?
लगभग 750 परिवारों वाली इस क्रोना ऑप्टस सोसायटी के बीच से एक राजस्व रास्ता (राजस्व भूमि का रास्ता) गुजरता है। आरडब्ल्यूए का आरोप है कि सोसायटी के निवासियों ने इस सरकारी रास्ते पर अवैध रूप से दीवार बनाकर कब्जा कर लिया है और वहां पार्क विकसित कर लिया है। सेक्टर-37सी की आरडब्ल्यूए (RWA) ने पिछले महीने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित लोक परिवाद समिति की बैठक में शिकायत दर्ज कराई थी।
मुख्यमंत्री के आदेश पर जारी हुए थे निर्देश
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद 9 सितंबर को HSVP के तत्कालीन संपदा अधिकारी ने रास्ते को अतिक्रमणमुक्त कराने के आदेश जारी किए।
बुधवार दोपहर उपमंडल अभियंता (सर्वे) परविंद्र सिंह के नेतृत्व में Bulldozer दस्ता कार्रवाई के लिए पहुंचा था। टीम ने सेक्टर-37सी की ओर बनी दीवार को तो ढा दिया, लेकिन जैसे ही दस्ता तक्षिला हाइट्स की तरफ वाली दीवार को तोड़ने बढ़ा, स्थानीय लोग और महिलाएं उग्र विरोध पर उतर आए।
अगले हफ्ते भारी पुलिस बल के साथ होगी कार्रवाई
महिलाओं के Bulldozer के आगे अड़ने और लोगों के भारी विरोध के कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गई। सुरक्षा बल कम होने के कारण अधिकारियों को अपनी कार्रवाई बीच में ही रोकनी पड़ी।
मामले पर HSVP के उपमंडल अभियंता परविंद्र सिंह ने बताया कि प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही थी। विरोध के चलते फिलहाल टीम लौट आई है, लेकिन अगले सप्ताह भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ इस राजस्व रास्ते को पूरी तरह अतिक्रमणमुक्त कराया जाएगा।
