Work From Home : गुरुग्राम की 2,500 कंपनियों में इस दिन से लागू होगा वर्क फ्रॉम होम ! सड़कों पर घटेगा ट्रैफिक

Work From Home : देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल डीज़ल के कम इस्तेमाल की अपील की है और कहा है कि निजी कंपनियों को अपने कर्मचारियों से वर्क फ्रॉम होम लागू करना चाहिए ताकि मिडल ईस्ट में चल रही जंग के चलते जो समस्याएं हो रही हैं उनसे निपटा जा सके । इसी अपील को लेकर अब गुरुग्राम की ढाई हज़ार से ज्यादा प्राइवेट कंपनियों ने अपने कर्मचारियों से वर्क फ्रॉम होम कराने की तैयारी शुरु कर दी है ।
1 जून से लागू हो सकता है वर्क फ्रोम होम !
आईटी प्रोफेशनल्स का कहना है कि वर्क फ्रॉम होम कराने के लिए बहुत सा सेटअप करना होता है । ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि साइबर सिक्योरिटी पुख्ता है और ऑनलाइन काम से किसी प्रकार के डाटा चोरी का खतरा तो नहीं है । गुरुग्राम की लगभग ढाई हज़ार आईटी कंपनियों ने इस पर काम करना शुरु कर दिया है ।
आईटी प्रोफेशनल्स का कहना है कि वर्क फ्राॅम होम या रिमोट वर्किंग के लिए आईटी कंपनियों को लैपटाप, वीडियो कांफ्रेंसिंग टूल एवं क्लाउड-आधारित प्रोजेक्ट प्रबंधन साफ्टवेयर की व्यवस्था करनी होती है। डाटा सुरक्षा के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) की सुविधा देनी होती है । ये सुविधाएं विकसित करने में 10 से 12 दिन लग जाएंगे।
सुविधाएं विकसित होने के बाद प्रबंधन की एक टीम मौके पर जांच करती है ताकि कोई डाटा चोरी की गुंजाइश न रहे। एक बार सुविधाएं विकसित करने के बाद फिर आगे दिक्कत नहीं रहती है। वर्क फ्राॅम होम मोड से उन कर्मचारियों को दिक्कत होती है जिनके घर में जगह कम है। परिवार डिस्टर्ब होने लगता है । फिर कर्मचारी मोड से बाहर निकलने की मांग शुरू कर देते हैं ।
इन सभी सेटअप को करने के बाद आईटी कंपनियां 1 जून से अपने कर्मचारियों से वर्क फ्रोम होम कराना शुरु कर सकती है । हालांकि गुरुग्राम में करीब 6 हज़ार से ज्यादा आईटी और टेलीकॉम कंपनियां हैं । जिनमें लगभग ढाई हज़ार कंपनियां अपने कर्मचारियों से वर्क फ्रॉम होम कराएंगी । क्योंकि बहुत सी ऐसी कंपनियां हैं जिनमें वर्क फ्रॉम होम कराना संभव नहीं हो पाता जैसे कि साइबर सिक्योरिटी से जुड़ी कंपनियां । वर्क फ्रॉम होम में केवल उन्हीं कंपनियों को लाया जाएगा जिनके काम कर्मचारी घर से कर सकते हैं ।
वर्क फ्रॉम होम लागू होने से घटेगा ट्रैफिक
वर्क फ्रॉम होम लागू करने का एक मकसद है कि सड़कों पर गाड़ियों का कम इस्तेमाल होगा, ट्रैफिक जाम नहीं लगेगा और पेट्रोल डीजल की खपत कम होगी । साथ ही वर्क फ्रॉम होम से काम भी ज्यादा होगा । कोराना काल के समय से ही कुछ कंपनियां अभी भी लगभग 20 फीसदी कर्मचारियों से वर्क फ्रॉम होम करा रही हैं लेकिन प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद इसका दायरा बढाया जाएगा ।