Post Mortem बिहार में सज चुकी थी डिलीवरी बॉय की चिता, ऐन वक्त पर पहुंची गुरुग्राम पुलिस और वापस मंगाया शव
बिना Post Mortem मुजफ्फरपुर ले गए थे परिजन; कानून और मुआवजे का हवाला देकर पुलिस ने रुकवाया अंतिम संस्कार, गुरुग्राम में हुआ दोबारा Post Mortem

Post Mortem : साइबर सिटी गुरुग्राम में एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां सड़क हादसे में जान गंवाने वाले एक युवक के शव को पुलिस ने अंतिम संस्कार के ऐन वक्त पर बिहार से वापस मंगवाया। कानूनी औपचारिकताओं Post Mortem (पोस्टमॉर्टम) के बिना ही परिजन शव को पैतृक गांव ले गए थे। पुलिस के समझाने के बाद शव को वापस गुरुग्राम लाया गया, जहां पोस्टमॉर्टम के बाद उसे दोबारा परिजनों को सौंपा गया।
डिलीवरी देने जा रहा था 23 वर्षीय गोवर्धन
मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर जिले का रहने वाला 23 वर्षीय गोवर्धन गुरुग्राम में ऑनलाइन क्विक-कॉमर्स ग्रॉसरी प्लेटफॉर्म ‘ज़ेप्टो’ (Zepto) में डिलीवरी बॉय के तौर पर काम करता था। 9 मई 2026 की रात को वह अपनी स्कूटी से सेक्टर-27 से सेक्टर-43 के सी-ब्लॉक में एक कस्टमर का ऑर्डर डिलीवर करने निकला था।
जैसे ही वह मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के पास पहुंचा, एक तेज रफ्तार अज्ञात कार ने उसकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि गोवर्धन उछलकर सड़क पर दूर जा गिरा और उसे गंभीर चोटें आईं।
बिना Post Mortem – अस्पताल की चूक या परिजनों की अज्ञानता?
हादसे के बाद घायल गोवर्धन को पहले नजदीकी अस्पताल और फिर दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई दिनों तक वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद आखिरकार उसने दम तोड़ दिया। आमतौर पर एक्सीडेंट के मामलों में अस्पताल प्रशासन मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज कर पुलिस को सूचना देता है और पोस्टमॉर्टम (Post Mortem) अनिवार्य होता है। लेकिन परिजनों ने दिल्ली के निजी अस्पताल में यह स्पष्ट नहीं किया कि यह रोड एक्सीडेंट का मामला था। नतीजतन, अस्पताल ने बिना किसी Post Mortem कानूनी औपचारिकता के शव परिजनों को सौंप दिया और वे शव लेकर बिहार रवाना हो गए।
जब शव बिहार के मुजफ्फरपुर पहुंच चुका था और परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे, तब गुरुग्राम की सुशांत लोक थाना पुलिस को इसकी भनक लगी। पुलिस ने तुरंत मुजफ्फरपुर में परिजनों और एम्बुलेंस चालक से संपर्क किया। पुलिस ने परिजनों को समझाया कि बिना पोस्टमॉर्टम (Post Mortem) रिपोर्ट के भविष्य में बीमा, कंपनी से मिलने वाले मुआवजे या अदालती दावों में भारी कानूनी दिक्कतें आएंगी।
पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच जारी
परिजनों की सहमति के बाद शव को एम्बुलेंस से वापस गुरुग्राम लाया गया और सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाकर पोस्टमॉर्टम (Post Mortem) की प्रक्रिया पूरी की गई। सुशांत लोक थाना पुलिस ने इस मामले में अज्ञात कार चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस अब मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि टक्कर मारने वाली गाड़ी की पहचान की जा सके। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को एक बार फिर परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद वे अंतिम संस्कार के लिए अपने पैतृक गांव रवाना हो गए।