RBI के फैसले से खुशी की लहर, अब SBI ने ग्राहकों को दिया तोहफा, लोन की ब्याज दरों में की बड़ी कटौती

State Bank Of India: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में 0.50 फीसदी की कटौती के बाद होम लोन सस्ता हो गया है। पंजाब नेशनल बैंक और केनरा बैंक के बाद देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने भी होम लोन की ब्याज दरों में 0.50 फीसदी की कटौती का ऐलान किया है।
SBI के लोन की दरों में यह बदलाव 15 जून से लागू होगा। इस कटौती के बाद SBI से सभी तरह के लोन लेना सस्ता हो जाएगा। SBI के होम लोन पर ब्याज दर अब 7.50 फीसदी सालाना से शुरू होगी। होम लोन मैक्सगेन ओवरड्राफ्ट (मैक्सगेन ओडी) की ब्याज दरें 7.75 फीसदी से 8.70 फीसदी तक होंगी। वहीं टॉप-अप होम लोन पर ब्याज दरें 8 फीसदी से 10.50 फीसदी के बीच तय हैं। RBI ने हाल ही में रेपो रेट को 6.00 फीसदी से घटाकर 5.50 फीसदी कर दिया एसबीआई से पहले यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपने ग्राहकों को राहत देने के लिए लोन की ब्याज दरों में कटौती की है।
किसको होगा फायदा?
इस ब्याज दर में कटौती का फायदा उन सभी लोगों को मिलेगा जिनके लोन रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) से जुड़े हैं। एसबीआई होम लोन एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (EBLR) से जुड़े हैं और मौजूदा EBLR 8.15% है। अलग-अलग व्यक्तियों के लिए ब्याज दर उनके CIBIL स्कोर, लोन अवधि और अन्य कारकों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। इस कटौती का फायदा उन लोगों को भी मिलेगा जो एसबीआई से नया होम लोन लेते हैं।
फिक्स्ड रेट वालों को फायदा नहीं
उदाहरण के लिए, एसबीआई के नए होम लोन की ब्याज दर 8% से शुरू होती थी और अब यह घटकर 7.50% के आसपास रह जाएगी। जिन ग्राहकों ने पहले से ही RLLR से जुड़ा फ्लोटिंग रेट होम लोन लिया हुआ है, उन्हें भी कम ब्याज दर मिलेगी। इससे या तो उनकी EMI कम होगी, या लोन की अवधि कम होगी। हां, अगर लोन फिक्स्ड रेट से जुड़ा है, तो आपको एसबीआई की ब्याज कटौती का फायदा नहीं मिलेगा।
एमसीएलआर में नहीं होगा बदलाव
एसबीआई ने स्पष्ट किया है कि मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) में 14 जून तक कोई बदलाव नहीं किया गया है। दूसरे शब्दों में कहें तो एमसीएलआर दरें पहले जैसी ही रहेंगी। ओवरनाइट और एक महीने की एमसीएलआर 8.20 फीसदी, तीन महीने की 8.55 फीसदी और छह महीने की एमसीएलआर 8.90 फीसदी है। एक साल की एमसीएलआर 9.00 फीसदी है।