Water Logging : अब नहीं डूबेगा गुरुग्राम, साइबर सिटी से पलवल में यमुना तक बनेगी नई ड्रेन
केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को इस परियोजना पर युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जीएमडीए और सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारी मिलकर एक महीने के भीतर इस परियोजना की विस्तृत अध्ययन रिपोर्ट (DPR) तैयार करें।

Water Logging : केंद्रीय विद्युत एवं आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने गुरुग्राम में वर्षा के दौरान होने वाले जलभराव की गंभीर समस्या के स्थाई समाधान के लिए एक वैकल्पिक और महत्वाकांक्षी परियोजना की घोषणा की है।
उन्होंने शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाऊस में अधिकारियों की बैठक में कहा कि नजफगढ़ ड्रेन पर निर्भरता कम करने के लिए, गुरुग्राम से पलवल तक वाया नूंह एक नई विशाल ड्रेन का निर्माण किया जाएगा, जो सीधे यमुना नदी तक वर्षा का पानी पहुँचाएगी।बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह भी उपस्थित रहे।
मनोहर लाल ने कहा कि गुरुग्राम देश का एक प्रमुख शहर है और जलभराव को लेकर नागरिकों की चिंताओं को सरकार गंभीरता से ले रही है। उन्होंने बताया कि अब तक गुरुग्राम का वर्षा जल केवल नजफगढ़ ड्रेन से यमुना में जाता है, जिसकी अपनी एक सीमा है। इसलिए स्थाई समाधान के लिए गुरुग्राम से सोहना, नूंह जिला होते हुए पलवल में यमुना तक नई ड्रेन बनाने पर विचार किया गया है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार भी दिल्ली और गुरुग्राम में वर्षा जलभराव की समस्या के स्थाई समाधान के लिए इस नई परियोजना पर कार्य करने को सहमत है। केंद्रीय मंत्री ने सिंचाई और अन्य विभागों के विशेषज्ञों से इस परियोजना के भौगोलिक अध्ययन और पानी के प्राकृतिक प्रवाह के साथ-साथ पहाड़ी क्षेत्र में लिफ्ट करने के विकल्प पर भी सुझाव लिए।

केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को इस परियोजना पर युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जीएमडीए और सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारी मिलकर एक महीने के भीतर इस परियोजना की विस्तृत अध्ययन रिपोर्ट (DPR) तैयार करें। इस रिपोर्ट को आगामी एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा।
उन्होंने स्वयं 15 दिन के भीतर इसकी प्रगति की समीक्षा करने की बात कही। साथ ही, गुरुग्राम और आसपास की सरकारी भूमि पर बने जलाशयों की रिपोर्ट भी तैयार करने के निर्देश दिए गए।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने सुझाव देते हुए कहा कि यह परियोजना न केवल गुरुग्राम के लिए उपयोगी होगी, बल्कि नूंह जिला में भी जल की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। नूंह में इस पानी का इस्तेमाल खेती-बाड़ी में किया जा सकेगा, जिससे पूरे क्षेत्र को फायदा होगा।
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रधान सलाहकार शहरी विकास डीएस ढेसी, जीएमडीए के सीईओ श्यामल मिश्रा, डीसी अजय कुमार और सीपी विकास अरोड़ा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।












