गुरुग्राम में खुलेंगे 30 नए Urban Ayushman Arogya Mandirs, मजबूत होगी शहरी स्वास्थ्य व्यवस्थाएं
हरियाणा सरकार और HMSCL ने मैसर्स एएसआर हॉस्पिटल्स को सौंपा 26.20 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट; ओपीडी, जांच, दवाइयां और योग सेवाएं एक ही छत के नीचे होंगी उपलब्ध

Ayushman Arogya Mandirs/गुरुग्राम
हरियाणा की साइबर सिटी गुरुग्राम के शहरी गरीब, कामगारों और वंचित वर्गों को अब छोटी-मोटी बीमारियों और प्राथमिक इलाज के लिए बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। राज्य सरकार ने जिले की स्वास्थ्य संरचना को नया आयाम देते हुए 30 नए अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर (UAAM) (Urban Ayushman Arogya Mandirs) स्थापित और संचालित करने का फैसला किया है।
हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (HMSCL) ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी मैसर्स एएसआर हॉस्पिटल्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी है। इसके लिए 5 अक्टूबर 2026 को ₹26.20 करोड़ से अधिक का वर्क ऑर्डर जारी किया गया है, जो अनुबंध की तारीख से अगले दो वर्षों तक प्रभावी रहेगा।
हर घर के पास होगी विश्वस्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा: आरती सिंह राव
प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार का लक्ष्य केवल बड़े और विशिष्ट अस्पतालों का निर्माण करना नहीं है, बल्कि हर नागरिक को उसके घर के समीप ही बेहतर चिकित्सा सेवा मुहैया कराना है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वस्थ भारत, विकसित भारत’ के विजन को धरातल पर उतारते हुए ये आरोग्य मंदिर (Urban Ayushman Arogya Mandirs) गुरुग्राम की झुग्गी बस्तियों, घनी आबादी वाली कॉलोनियों और कम आय वाले इलाकों के लिए लाइफलाइन साबित होंगे।”
इन 30 प्रमुख इलाकों में खुलेंगे आरोग्य केंद्र (Urban Ayushman Arogya Mandirs)
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के ऐसे 30 क्षेत्रों को चिह्नित किया है जहाँ प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की सख्त जरूरत थी।
इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
हीरा नगर, नरसिंहपुर ढाणी, हरि नगर, शक्ति नगर, भीमगढ़ खेड़ी, शिवाजी नगर, अर्जुन नगर, चंदन नगर, समालपुर, सेक्टर-56 घाटा गांव, सेक्टर-55, डीएलएफ फेज-1, सेक्टर-27, गंगा विहार, टिकरी ढाणी, मनोहर नगर, सूर्य विहार, धर्म कॉलोनी, ग्वाल पहाड़ी, प्रेम नगर, सरहौल, राम विहार, तिगरा गांव, सेक्टर-54, सराय गांव और कान्हाई।
एक ही छत के नीचे मिलेंगी 12 प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं : (Urban Ayushman Arogya Mandirs)
इन अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (Urban Ayushman Arogya Mandirs) में आम जनता को व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी:
मातृ एवं शिशु देखभाल: गर्भावस्था जांच, प्रसव पूर्व देखभाल, नवजात व बाल स्वास्थ्य सेवाएं।
संक्रामक व सामान्य रोग: ओपीडी परामर्श, संक्रामक बीमारियों का प्रबंधन, बुखार व सामान्य संक्रमण का इलाज।
गैर-संचारी रोग (NCD): बीपी, शुगर, कैंसर आदि की शुरुआती स्क्रीनिंग और इलाज।
विशेषज्ञ परामर्श व योग: टेली-कंसल्टेशन के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों की ऑनलाइन सलाह और नियमित योग/आयुष सत्र।
अन्य स्वास्थ्य सेवाएं: आंख, कान, नाक, गला (ENT), ओरल हेल्थ, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, बुजुर्गों के लिए पेलिएटिव केयर और प्राथमिक आपातकालीन सेवाएं।
हाई-टेक सुविधाएं और मुकम्मल स्टाफ
प्रत्येक (Urban Ayushman Arogya Mandirs) केंद्र पर एक मेडिकल ऑफिसर, स्टाफ नर्स, मेल मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर (MPHW) और सफाई कर्मचारी तैनात रहेंगे। केंद्र में मरीजों के लिए डे-केयर बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर, कंप्यूटरीकृत पंजीकरण, डिजिटाइज्ड दवा वितरण और सीसीटीवी सुरक्षा जैसी सुविधाएं होंगी। साथ ही, आवश्यक दवाएं और बुनियादी डायग्नोस्टिक टेस्ट पूरी तरह नि:शुल्क मिलेंगे।
गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं: ₹1.28 करोड़ का मासिक बजट
परियोजना को पारदर्शी और सुचारू बनाए रखने के लिए सरकार ने कड़े नियम तय किए हैं। 30 (Urban Ayushman Arogya Mandirs) केंद्रों के रखरखाव, स्टाफ, दवाइयों और किराए के लिए प्रतिमाह ₹1.28856 करोड़ (प्रति केंद्र ₹4.2952 लाख जीएसटी सहित) का बजट तय किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि केंद्रों पर दवाओं की कमी, स्टाफ की गैर-हाजिरी, जांच में लापरवाही या योग सत्र न आयोजित करने जैसी शिकायतें मिलती हैं, तो संबंधित एजेंसी पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। सरकार का ध्येय केवल केंद्र खोलना नहीं, बल्कि गुणवत्तायुक्त और जवाबदेह सेवाएं देना है।
