UPSC Coaching : गुरुग्राम के गर्ल्स कॉलेज में ही मिलेगी यूपीएससी और आईटी स्किल डिवलेपमेंट की कोचिंग
बेटियों के करियर के लिए डीसी अजय कुमार की पहल को मिला कॉर्पोरेट समूहों का सहयोग, कैंपस में ही सुविधाएं मिलने से मिलेंगे बेटियों को आगे बढ़ने के ज्यादा अवसर

UPSC Coaching : गुरुग्राम के गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स, सेक्टर 14 में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए अच्छी खबर है। छात्राओं को आईटी स्किल्स व यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का अवसर अब कॉलेज में ही मिलेगा । बेटियों को करियर में अवसर मुहैया कराने के लिए डीसी अजय कुमार की पहल को विभिन्न कॉर्पोरेट समूहों का सहयोग मिला है ।
डीसी अजय कुमार ने छात्राओं के कौशल विकास में कॉर्पोरेट समूहों की इस सहयोग का स्वागत किया। उन्होंने लघु सचिवालय स्थित कांफ्रेंस हॉल में एमओयू पर हस्ताक्षर करते हुए कहा कि इस सराहनीय पहल से बेटियों को जीवन में आगे बढ़ने के अच्छे अवसर प्राप्त होंगे। छात्राओं को अब अपने ही कैंपस में पढ़ाई के साथ-साथ आईटी स्किल डेवलपमेंट तथा यूपीएससी तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधा मिलेगी।
आईटी स्किल्स से मिलेंगे रोजगार के अवसर
जिला प्रशासन के साथ मिलकर कोमविवा टेक्नोलॉजी, सनशील फाउंडेशन व एमईपीएससी द्वारा गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स में आईटी स्किल्स को बढ़ावा देने की लैब और प्रशिक्षण के लिए क्लास रूम उपलब्ध होगा। डीसी अजय कुमार से साथ कोमविवा के सीईओ राम अवतार व एमपीएससी के सीईओ कर्नल रमेश पोखरियाल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
सीएसआर ट्रस्ट हरियाणा के एडिशनल सीईओ गौरव सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि कोमविवा की मदद से परिसर में 38 कंप्यूटर की लैब विकसित की जा चुकी है। आगामी 15 जनवरी तक एमईपीएससी के माध्यम से छात्राओं को आईटी से संबंधित कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण गुरुग्राम में कार्यरत कॉर्पोरेट समूहों की डिमांड के अनुरूप होगा, जिससे छात्राओं को पढ़ाई के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।
पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की राह होगी आसान
डीसी अजय कुमार के साथ यूपीएससी व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एमथ्रीएम फाउंडेशन के प्रेजिडेंट एश्वर्य महाजन ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस एमओयू के तहत कॉलेज परिसर में पांच कमरे तैयार किए जा चुके है। साथ ही विभिन्न प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों के माध्यम से यहां पर अगले पांच साल तक छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। एडिशनल सीईओ ने बताया कि इस संस्थान की समीक्षा के लिए डीसी की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है जोकि हर तीन महीने में संस्थान की कार्यप्रणाली की समीक्षा करेगी।












