Toll Plaza : 17 साल बाद हटने जा रहा है यह बड़ा टोल प्लाजा, जानें सरकार का अगला प्लान
फिलहाल, सबकी नजरें हरियाणा सरकार और पीडब्ल्यूडी के आगामी फैसले पर टिकी हैं कि क्या 31 मई के बाद यह मार्ग वाकई 'टोल-फ्री' हो जाएगा।

Toll Plaza : दिल्ली-एनसीआर के लोगों को एक टोल प्लाजा के झंझट से राहत मिलने की संभावना है। 17 साल के बाद टोल प्लाजा पर बिना कोई शुल्क दिए वाहन चालक गुजर सकेंगे। रोड से टोल हटने से लगने वाले जाम के झाम से भी वाहन चालकों को राहत मिलेगी। बता दे कि टोल हटने से रोजाना एक लाख के लगभग वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलेगी।
आने वाली 31 मई 2026 को टोल वसूलने का करार समाप्त होने जा रहा है। इस समय सीमा के नजदीक आने के साथ ही स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने टोल को पूरी तरह हटाने की मांग तेज कर दी है। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग को पत्र लिखकर टोल हटाने की स्थिति के साथ-साथ उसके रखरखाव की योजना के बारे में भी जानकारी मांगी गई है।
फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड स्थित बंधवाडी गांव में बने टोल प्लाजा हटने से दिल्ली-एनसीआर के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। 17 सालों से लाखों वाहन चालक टोल से गुजरने के लिए शुल्क दे रहे है। ऐसे में उम्मीद है कि मई के बाद से गुरुग्राम से फरीदाबाद जाने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। हालांकि अभी तक विभाग की तरफ से कोई स्पष्ट आदेश नहीं आए है।
वर्तमान में इस मार्ग से प्रतिदिन लगभग एक लाख वाहन गुजरते हैं। टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों के कारण न केवल यात्रियों का समय बर्बाद होता है, बल्कि भारी जाम और बढ़ते प्रदूषण की समस्या भी बनी रहती है। सामाजिक कार्यकर्ता अजय बहल ने इस संबंध में लोक निर्माण विभाग (PWD) को पत्र लिखकर मांग की है कि अनुबंध खत्म होते ही टोल हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
टोल हटने की संभावनाओं के बीच सबसे बड़ा सवाल सड़क के रखरखाव (Maintenance) को लेकर है। जानकारों का कहना है कि यदि टोल हटता है, तो विभाग को इस महत्वपूर्ण सड़क की मरम्मत के लिए एक नया मॉडल तैयार करना होगा। फरीदाबाद और गुरुग्राम की कनेक्टिविटी के लिए यह सड़क रीढ़ की हड्डी मानी जाती है, इसलिए इसकी गुणवत्ता बनाए रखना सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी। (Toll Plaza)
आम जनता को क्या होगा फायदा?
पीक आवर्स में टोल पर लगने वाले 15-20 मिनट के जाम से छुटकारा मिलेगा।
व्यावसायिक और निजी वाहन चालकों को रोजाना के टोल खर्च से मुक्ति मिलेगी।
एम्बुलेंस और अन्य इमरजेंसी वाहनों की आवाजाही सुगम होगी।
फिलहाल, सबकी नजरें हरियाणा सरकार और पीडब्ल्यूडी के आगामी फैसले पर टिकी हैं कि क्या 31 मई के बाद यह मार्ग वाकई ‘टोल-फ्री’ हो जाएगा।









