GRAP 3 की ये पाबंदियां लागू, नहीं चलेंगी पेट्रोल डीज़ल की गाड़ियां, स्कूल भी हो सकते हैं बंद
डीसी अजय कुमार ने मंगलवार को कहा कि बढ़ता हुआ वायु प्रदूषण हम सभी के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है, जिसका सीधा और गहरा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है।

GRAP : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बढ़ते वायु प्रदूषण के गंभीर स्तर को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने गुरुग्राम जिले में तत्काल प्रभाव से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के तीसरे चरण की पाबंदियां लागू कर दी हैं। जिले के उपायुक्त (डीसी) अजय कुमार ने संबंधित विभागों को इन नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, साथ ही आम नागरिकों से भी सक्रिय सहयोग की अपील की है।


डीसी अजय कुमार ने मंगलवार को कहा कि बढ़ता हुआ वायु प्रदूषण हम सभी के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है, जिसका सीधा और गहरा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर ग्रैप नियमों की सख्ती से पालना करना बेहद जरूरी है। जिला गुरुग्राम में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर निर्धारित मानकों से अधिक हो गया है, जिसके लिए हमें प्रदूषण नियंत्रण उपायों को पूरी गंभीरता से अपनाना होगा।
डीसी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, शहरी निकायों, एचएसआईआईडीसी (HSIIDC) सहित अन्य सभी संबंधित विभागाध्यक्षों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे जिला में बढ़ते प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करने के लिए तुरंत सख्त कदम उठाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी विभागों को एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) को नियंत्रित रखने के लिए जमीनी स्तर पर मिलकर काम करना होगा।

लघु सचिवालय में सभी विभागों के बीच समन्वय बनाने और इंटेलिजेंस से आने वाली सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक कमांड एडं कंट्रोल सिस्टम बनाया गया है।

ग्रैप-3 के तहत सख्त पाबंदियां लागू
ग्रैप के तीसरे चरण के तहत जिले में निम्नलिखित कठोर पाबंदियां और अनिवार्य उपाय लागू किए गए हैं, जिनका उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी:

स्कूल बंद करने पर फैसला लें

पहली से पांचवी कक्षा के तक के स्कूलों को बंद करने के लिए भी निर्णय लेने के निर्देश दिए ए है। मंगलवार के दिन इस सीजन में सबसे ज्यादा वायु प्रदूषण रहा। गुरुग्राम का एक्यूआई 378 दर्ज किया गया और मानेसर का एक्यूआई 343 रहा।
सड़क और धूल नियंत्रण:
सड़कों की सफाई अब केवल पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि मशीनों और वैक्यूम आधारित सफाई के माध्यम से की जाएगी। साथ ही, रोजाना प्रमुख मार्गों और हॉटस्पॉट पर पानी का छिड़काव और धूल नियंत्रण सामग्री का प्रयोग अनिवार्य किया गया है। एकत्रित धूल को निर्धारित स्थलों पर ही निस्तारित किया जाएगा।
निर्माण गतिविधियों पर रोक
स्टोन क्रशर और माइनिंग गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। निर्माण कार्यों में केवल गैर-प्रदूषणकारी गतिविधियां जैसे प्लंबिंग, इलेक्ट्रिकल, कारपेंट्री और इंटीरियर फिनिशिंग जैसे कार्य ही जारी रखने की अनुमति दी गई है।
वाहनों पर प्रतिबंध
प्रदूषण के बड़े स्रोत को नियंत्रित करने के लिए, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर और दिल्ली सहित पूरे एनसीआर क्षेत्र में बीएस-III पेट्रोल और बीएस-IV डीजल वाहनों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल सरकारी प्रयासों से प्रदूषण पर नियंत्रण संभव नहीं है और उसने नागरिकों से इस अभियान को सफल बनाने में भागीदार बनने की अपील की है।
डीसी ने नागरिकों से “सिटिजन चार्टर” का पालन करने का आग्रह करते हुए कहा कि वे छोटी दूरी के लिए पैदल चलने या साइकिल का उपयोग करें। यात्रा के दौरान कार शेयरिंग या सार्वजनिक परिवहन अपनाने को प्राथमिकता दें और जहां संभव हो, वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) की सुविधा लेने को प्रोत्साहित किया जाए। नागरिकों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे व्यक्तिगत हीटिंग के लिए कोयला या लकड़ी जलाने से बचें।
डीसी अजय कुमार ने अंत में कहा, “हमारी छोटी-छोटी सावधानियां और सामूहिक जिम्मेदारी ही एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सुधारने की दिशा में बड़ा और निर्णायक परिवर्तन ला सकती है। हर जिलावासी को प्रदूषण को नियंत्रित करने वाले उपायों में सक्रिय रूप से भागीदार बनना चाहिए।”










