Haryana Roadways में अब इन लोगों का सफर होगा बिल्कुल मुफ्त, सरकार के एक फैसले से खिल उठे चेहरे
परिवहन विभाग के अनुसार, हरियाणा रोडवेज फिलहाल लगभग 40 अलग-अलग श्रेणियों (जैसे बुजुर्ग, छात्र, पुलिसकर्मी आदि) को मुफ्त या रियायती यात्रा की सुविधा प्रदान कर रहा है।

Haryana Roadways : हरियाणा के लाखों दिव्यांगजनों के लिए आज का दिन खुशियों की सौगात लेकर आया है। प्रदेश सरकार ने एक बड़ा ऐतिहासिक फैसला लेते हुए हरियाणा रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा के दायरे को बढ़ा दिया है। अब 100 प्रतिशत ही नहीं, बल्कि 40 से 99 प्रतिशत तक की दिव्यांगता वाले व्यक्ति भी रोडवेज की साधारण बसों में बिना किसी किराए के सफर कर सकेंगे।
राज्य परिवहन विभाग के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि वित्त विभाग से मशवरा करने के बाद आज इसकी आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी कर दी गई है। सरकार के इस कदम से प्रदेश के लगभग 1.22 लाख दिव्यांगजनों को सीधा आर्थिक लाभ होगा।
लंबे समय से दिव्यांग संगठन यह मांग कर रहे थे कि मुफ्त यात्रा की सुविधा केवल 100% दिव्यांगता तक सीमित न रहकर कम प्रतिशत वालों को भी दी जाए। मुख्यमंत्री ने इस मांग को स्वीकार करते हुए इसे अमलीजामा पहना दिया है।
2007 से अब तक का सफर
हरियाणा रोडवेज सामाजिक सरोकारों में हमेशा आगे रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो:
2007: पहली बार 100% दिव्यांगों को एक सहायक (Attendant) के साथ मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई थी।
2010: इस सुविधा का विस्तार चंडीगढ़ और दिल्ली तक किया गया।
2026 (ताजा फैसला): अब 40% से ऊपर की दिव्यांगता वाले सभी पात्र व्यक्ति इस योजना के दायरे में आ गए हैं।
हरियाणा रोडवेज: आंकड़ों की जुबानी
परिवहन विभाग के अनुसार, हरियाणा रोडवेज फिलहाल लगभग 40 अलग-अलग श्रेणियों (जैसे बुजुर्ग, छात्र, पुलिसकर्मी आदि) को मुफ्त या रियायती यात्रा की सुविधा प्रदान कर रहा है। विभाग का विशाल नेटवर्क कुछ इस प्रकार है:
बस बेड़ा: प्रदेश में कुल 4108 बसें संचालित हो रही हैं।
नेटवर्क: 24 डिपो और 13 उप-डिपो के माध्यम से सेवाएं दी जा रही हैं।
दूरी: रोडवेज बसें प्रतिदिन 11.38 लाख किलोमीटर का सफर तय करती हैं।
यात्री: हर रोज करीब 6.03 लाख लोग रोडवेज की सवारी करते हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के हर नागरिक को सुलभ, सुरक्षित और समयबद्ध परिवहन सेवा देना है। दिव्यांगों के लिए इस रियायत से उनकी सामाजिक और आर्थिक गतिशीलता बढ़ेगी। अब साधारण बसों में चढ़ते समय उन्हें केवल अपना दिव्यांगता प्रमाण पत्र या विभाग द्वारा जारी पास दिखाना होगा और वे मुफ्त यात्रा का लाभ उठा सकेंगे।