भारत में बन रहा दुनिया का सबसे लंबा Electric Highway : दिल्ली-गुरुग्राम हाईवे बनेगा लैंडमार्क
पहले चरण के लिए 14 अत्याधुनिक 3जी एनर्जी स्टेशनों का अंतिम रोडमैप तैयार किया जाएगा, जिन्हें दिल्ली-गुरुग्राम-जयपुर और दिल्ली-फरीदाबाद-आगरा कॉरिडोर पर स्थापित किया जाएगा।

Electric Highway : भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। नेशनल हाईवे फॉर ईवी (एनएचईवी) द्वारा देश में पहली बार ‘3जी एनर्जी स्टेशन’ बनाए जाएंगे, जहां गाड़ियों को ग्रिड-फ्री तकनीक यानी सोलर, विंड, थर्मल और हाइड्रोजन जैसे नवीकरणीय स्रोतों से सीधे पावर जनरेट करके चार्ज किया जाएगा। यह पहल देश के लगभग 5000 किलोमीटर हाईवे को ईवी फ्रेंडली बनाने के मिशन का हिस्सा है।
पहले चरण के लिए 14 अत्याधुनिक 3जी एनर्जी स्टेशनों का अंतिम रोडमैप तैयार किया जाएगा, जिन्हें दिल्ली-गुरुग्राम-जयपुर और दिल्ली-फरीदाबाद-आगरा कॉरिडोर पर स्थापित किया जाएगा।
एनएचईवी की योजना के पहले चरण में, दिल्ली-गुरुग्राम-जयपुर (लगभग 280 किमी) और दिल्ली-फरीदाबाद-आगरा (लगभग 220 किमी) हाईवे पर ईवी कॉरिडोर शुरू किया जाएगा।
स्टेशनों की संख्या: दिल्ली-जयपुर हाईवे पर हर 100 किलोमीटर पर दोनों तरफ कुल 8 3जी ईवी चार्जिंग स्टेशन बनेंगे। वहीं, दिल्ली-आगरा हाईवे पर भी हर 100 किलोमीटर पर 6 चार्जिंग स्टेशन दोनों तरफ विकसित किए जाएंगे।
इन दोनों कॉरिडोर की कुल लंबाई 500 किलोमीटर से अधिक हो जाएगी, जो जर्मनी के 109 किलोमीटर लंबे ई-हाईवे को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का सबसे लंबा ई-हाईवे बनेगा।
इन 3जी एनर्जी स्टेशनों पर 200 से 500 किलोवॉट तक के अल्ट्रा-फास्ट चार्जर लगाए जाएंगे। इससे कोई भी इलेक्ट्रिक कार मात्र 30 मिनट से भी कम समय में 100 से 200 किलोमीटर की रेंज चार्ज कर सकेगी।
अभिजीत सिन्हा, एनएचईवी के निदेशक ने कहा, “3200 किलोवॉट के हाइब्रिड सर्विस हब सोलर, विंड, थर्मल और हाइड्रोजन माइक्रो-इलेक्ट्रोलाइज़र से संचालित होंगे। भविष्य में इन्हें पूरी तरह हाइड्रोजन आधारित तकनीक में बदला जाएगा। यह केवल ईवी स्टेशन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर हैं।”
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम करने के लिए एनएचईवी पांच बड़े इलेक्ट्रिक ट्रक चार्जिंग हब भी स्थापित करेगा। ये हब गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, नोएडा और गाजियाबाद में बनेंगे।
वर्तमान में प्रतिदिन करीब 15 हजार डीजल ट्रक दिल्ली में प्रवेश करते हैं, जो प्रदूषण का बड़ा कारण हैं।
ये नए हब 24 घंटे में लगभग 10 हजार इलेक्ट्रिक ट्रकों को चार्ज करने की क्षमता रखेंगे। इससे डीजल ट्रकों का प्रवेश कम होगा और दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार आएगा।
3G स्टेशन की मुख्य विशेषताएं
| विवरण | |
| ग्रीन एनर्जी | पूरी तरह नवीकरणीय स्रोतों से संचालित। एक स्टेशन सालाना करीब आठ हजार टन कार्बन डाइऑक्साइड बचाएगा। |
| गिगानटिक क्षमता | 3.2 मेगावाट तक की पावर, 60-120 किलोवॉट फास्ट चार्जर, 600 किलोवॉट पैंटोग्राफ, वायरलेस पैड और हाइड्रोजन डिस्पेंसर एक ही स्थान पर। |
| नेक्स्ट-जनरेशन टेक्नोलॉजी | 5जी नेटवर्क, एआई लोड मैनेजमेंट, जियो-रूट प्लानिंग और ऑटो नेविगेशन। (2047 तक इन्हें 6.4 मेगावाट क्षमता में अपग्रेड किया जाएगा) |
| यात्री सुविधाएं | 24×7 कैफे, रेस्टोरेंट, स्वच्छ शौचालय, शावर, फ्री वाई-फाई, वर्किंग स्पेस, स्लीपिंग पॉड्स, किड्स प्ले एरिया और इमरजेंसी मेडिकल रूम। |