दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे की बदलेगी तस्वीर, टेंडर हुआ जारी जल्द होगी मरम्मत, जानें…
दहाली का प्रतीक बन चुके दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे की तस्वीर दो साल में बदल जाएगी। इसके लिए टेंडर खोल दिए गए हैं। अगले 10 दिन में कंपनी का चयन कर वर्क ऑर्डर जारी कर दिया जाएगा

Haryana News: बदहाली का प्रतीक बन चुके दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे की तस्वीर दो साल में बदल जाएगी। इसके लिए टेंडर खोल दिए गए हैं। अगले 10 दिन में कंपनी का चयन कर वर्क ऑर्डर जारी कर दिया जाएगा।
इस तरह जुलाई से ग्राउंड वर्क शुरू हो जाएगा। एक्सप्रेसवे की मरम्मत से लेकर हादसों को कम करने तक सभी सुरक्षात्मक उपायों पर जोर दिया जाएगा। एक्सप्रेसवे धौलाकुआं के पास से खेड़कीदौला टोल प्लाजा तक जाता है। इसकी कुल लंबाई 28 किलोमीटर है। इसमें से 18 किलोमीटर गुरुग्राम और बाकी दिल्ली में है।

गुरुग्राम वाले हिस्से से दिल्ली वाला हिस्सा काफी बेहतर है। दिल्ली वाले हिस्से में सर्विस लेन की मरम्मत पर ज्यादा काम होना है। सर्विस लेन ही नहीं गुरुग्राम वाले इलाके में मुख्य सड़कों की भी मरम्मत की जरूरत है।
हीरो होंडा चौक से खेड़कीदौला टोल प्लाजा तक दोनों तरफ सर्विस लेन की हालत खस्ता है। हल्की बारिश के बाद लोग सर्विस लेन से निकलना बंद कर देते हैं। जगह-जगह गड्ढे हैं और हर पल दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
धौलाकुआं से हीरो होंडा चौक तक एक्सप्रेस-वे पर एंट्री और एग्जिट साफ दिखाई देता है। इसके अलावा दोनों तरफ इतने अवैध कट हैं कि यह अंदाजा लगाना मुश्किल है कि एंट्री कहां है और एग्जिट कहां है।
हीरो होंडा चौक से खेड़कीदौला टोल प्लाजा की तरफ दोनों तरफ रेलिंग पूरी तरह से गायब हो चुकी है। दोनों तरफ नाले भी खुले पड़े हैं। इससे भी दुर्घटना होती है। पिछले सप्ताह एक महिला नाले में गिर गई थी, क्योंकि नाले पर ढक्कन नहीं था।

कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। अगले दो साल में सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी। इतना ही नहीं, सभी फ्लाईओवर की मरम्मत हो जाएगी। हीरो होंडा चौक फ्लाईओवर इस सूची में सबसे ऊपर है।
मानसून के दौरान रेलिंग ठीक करने का काम चलेगा
सबसे पहले एक्सप्रेसवे की रेलिंग ठीक की जाएगी। सड़क की मरम्मत का काम मानसून के बाद शुरू होगा। नरसिंहपुर गांव के चारों ओर सर्विस लेन दोनों तरफ आरएमसी (रेडी-मिक्स कंक्रीट) से बनाई जाएगी। इससे बाढ़ के दौरान सर्विस लेन टूटने से बच जाएगी।
सर्विस लेन को भी थोड़ा ऊपर उठाया जाएगा। मुख्य सड़क को ऊपर उठाना संभव नहीं है। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि नरसिंहपुर में मुख्य सड़क को ऊपर उठाने से बाढ़ तो रुकेगी, लेकिन मुख्य सड़क को ऊपर उठाने से दुर्घटनाएं ज्यादा होने लगेंगी, क्योंकि मुख्य सड़क का ढांचा खराब हो जाएगा।
एनएचएआई दुर्घटनाओं को कम करने पर विशेष जोर दे रहा है। बाढ़ को रोकने के लिए जिला प्रशासन के साथ मिलकर प्रयास किए जा रहे हैं। एनएचएआई के पूर्व तकनीकी सलाहकार जेएस सुहाग का कहना है कि एक बार पूरी तरह से मरम्मत हो जाने के बाद स्थिति फिर से वैसी नहीं होनी चाहिए।

इस दिशा में भी प्रयास किए जाने चाहिए। दैनिक और साप्ताहिक सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है। रिपोर्ट के अनुसार, यदि निरंतर रखरखाव पर ध्यान दिया जाए तो सिस्टम बेहतर होगा।










