Missing Congress President : लापता कांग्रेस अध्यक्ष रात के अंधेरे में पहुंचे DCP दफ्तर, मिली जमानत
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी के काफिले को काले झंडे दिखाने के बाद से अंडरग्राउंड चल रहे गुरुग्राम कांग्रेस के दोनों जिलाध्यक्ष आधी रात को अचानक पुलिस के सामने पेश हुए, जहां कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें तुरंत जमानत दे दी गई।

Missing Congress President/गुरुग्राम
हरियाणा के मुख्यमंत्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बाद से लगातार गायब चल रहे गुरुग्राम Congress President कांग्रेस के जिलाध्यक्ष वर्धन राव और पंकज डावर देर रात अचानक पुलिस के सामने पहुंचे। दोनों नेता 5 वकीलों की टीम के साथ डीसीपी वेस्ट करन गोयल के कार्यालय में पेश हुए, जहां से उन्हें तुरंत जमानत पर रिहा कर दिया गया।
क्या पुलिस और कांग्रेस के बीच पर्दे के पीछे हुई सहमति? : Missing Congress President
जिस तरह से दिनभर चले राजनीतिक घमासान के बाद अचानक दोनों जिलाध्यक्षों (Congress President) की रात के अंधेरे में पेशी हुई और मौके से ही उन्हें जमानत दे दी गई, उससे इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कयासों का बाजार गर्म है। जानकारों का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम को देखकर लगता है कि पुलिस प्रशासन और कांग्रेस नेतृत्व के बीच पर्दे के पीछे किसी सहमति (अंडरस्टैंडिंग) के बनने के बाद ही दोनों नेताओं ने पुलिस के सामने सरेंडर किया और उन्हें तुरंत राहत दी गई।
दिनभर पुलिस कमिश्नर दफ्तर पर हुआ था भारी हंगामा : Missing Congress President
इससे पहले सोमवार को दिनभर इस मामले ने तूल पकड़े रखा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष उदयभान की अगुवाई में दर्जनों पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं ने गुरुग्राम पुलिस कमिश्नर दफ्तर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि:
पुलिस ने पार्टी कार्यकर्ताओं को जबरन उठाकर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की है।
दर्ज की गई एफआईआर को तुरंत रद्द किया जाए।
कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांगे नहीं मानी गईं तो पार्टी पूरे हरियाणा में उग्र प्रदर्शन करेगी। इस बड़ी चेतावनी के महज 5 घंटे बाद ही दोनों जिलाध्यक्ष डीसीपी कार्यालय पहुंचे।
21 अगस्त को सिविल लाइन में क्या हुआ था? Missing Congress President
एएसआई चांद राम की शिकायत पर थाना सिविल लाइन में बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। दर्ज रिपोर्ट के अनुसार:
घटना: 21 अगस्त 2026 को सिविल लाइन रोड (जॉन हाल के पास) से सीएम का काफिला गुजर रहा था।
आरोप: कुछ लोगों ने सड़क पर आकर रास्ता रोका, नारेबाजी की और रोकने पर क्यूआरटी (QRT) जवानों के साथ हाथापाई करते हुए वर्दी फाड़ी व शारीरिक चोट पहुंचाई।
कार्रवाई: मुख्य आरोपी हरकेश को मौके से पकड़ा गया था, जबकि वर्धन यादव और पंकज डाबर समेत अन्य फरार घोषित किए गए थे।
17 पुलिसकर्मी सस्पेंड, 8 कार्यकर्ताओं को पहले मिल चुकी है राहत : Missing Congress President
घटना के बाद पुलिस ने शुक्रवार (21 अगस्त) रात कांग्रेस के 8 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था, जिन्हें शनिवार शाम बेल बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया था। वहीं, इस मामले में ढिलाई और लापरवाही के आरोप में सिविल लाइंस थाने के एसएचओ, 9 पुलिसकर्मियों, 6 क्यूआरटी जवानों और 1 एएसआई समेत कुल 17 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है।
