Sohna Road बना जाम रोड़, घंटों रेंगती हैं गाड़ियां, करोड़ों के एलिवेटेड फ्लाइओवर प्लान हुए फेल
गुरुग्राम के सोहना रोड़ पर 1400 करोड़ का एलिवेटेड कोरिडोर-अंडरपास बनाने के बाद भी रोज़ाना जाम में फंस रहे हैं हज़ारों वाहन

Sohna Road : गुरुग्राम के सबसे लंबे एलिवेटेड फ्लाइओवर (Elevated Flyover) सोहना रोड़ पर इसलिए बनाया गया था कि सोहना रोड़ पर जाम की समस्या को खत्म किया जा सके लेकिन साढे तीन साल में ही ये सपना एक खतरनाक सच बन गया है । सोहना रोड़ पर सुबह शाम इतना भीषण ट्रैफिक जाम रहता है कि लोगों को दो किलोमीटर तक पहुंचने के लिए भी आधा आधा घंटा लग जाता है । खासकुर सुबह जब लोग ऑफिस जाते हैं और शाम को जब दफ्तरों की छुट्टियां होती हैं ।
Elevated Corridor Plannig हुई फेल
Sohna Road Elevated Corridor को लगभग 1400 करोड़ रुपए की लागत से इसलिए बनाया गया था कि लोगों का सफर आसान हो जाए लेकिन इस कोरिडोर के आसपास रहने वाले लोगों के लिए ये एक खतरनाक ख्वाब बनकर रह गया है । इस कोरिडोर के शुरु होने के ढाई साल के अंदर ही लोगों को भारी जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है । सोहना रोड़ पर रोजाना सुबह शाम घंटो का जाम लगा रहता है लेकिन इसका समाधान नहीं किया जा रहा है ।


सुभाष चौक (Subhash Chowk) बना जाम का जंक्शन
सोहना रोड़ पर जाम का मुख्य जंक्शन बन चुका सुभाष चौक इसमें अपनी अहम भूमिका निभाता है । यहां पर चारों तरफ ट्रैफिक घूमता है जिसकी वजह से यहां पर भारी जाम लगा रहता है । सुभाष चौक पर अंडरपास भी है, फ्लाइओवर भी है और मुख्य सड़क भी है लेकिन फिर भी सारी व्यवस्था धरी की धरी रह जाता है जब जाम लगता है ।
सुभाष चौक पर सोहना रोड़ एलिवेटेड कोरिडोर (Sohna Road Elevated Corridor) की एंट्री एग्जिट प्वाइंट पर ट्रैफिक मर्ज होता है जिसकी वजह से ना केवल सर्विस लेन बल्कि एलिवेटेड फ्लाइओवर के ऊपर तक जाम की लाइनें पहुंच जाती है । गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस (Gurugram Traffic Police) भी जाम को खत्म करने में कुछ खास नहीं पाती ।


कोरिडोर की प्लानिंग हुई फेल
जब साल 2017 में सोहना रोड़ एलिवेटेड कोरिडोर की नींव रखी गई तो ये कहा गया कि इसके बनने के बाद सोहना रोड़ पर ट्रैफिक जाम बिल्कुल खत्म हो जाएगा लेकिन ऐसा हो ना सका । सर्वे करने वाले अधिकारी या कंपनी ये अंदाजा लगाने में फेल हो गई कि फ्लाइओवर के नीचे से आने वाला ट्रैफिक भविष्य में कितना होगा जिसका खामियाजा आज सोहना रोड़ के आसपास रहने वाले लोग भुगत रहे हैं ।
2 KM का सफर 40 मिनट में होता है पूरा
सोहना रोड़ पर आज की स्थिति की बात करें तो सुबह अगर सोहना की तरफ से गुरुग्राम (Gurugram) की तरफ आना हो तो फ्लाइओवर के नीचे से आने वाले वाहन को मात्र 2 किलोमीटर की दूरी को तय करने में 40 मिनट से ज्यादा का समय लग जाता है । ऐसा नहीं है कि केवल सुबह ही ये ट्रैफिक जाम लोगों को रुलाता है बल्कि शाम को पीक आवर्स में गुरुग्राम से सोहना की तरफ जाने वाले लोग भी इस जाम का शिकार बनते हैं ।

शाम को सुभाष चौक अंडरपास (Underpass) में हज़ारों गाड़ियां जाम में फंस जाती है क्योंकि राजीव चौक से सोहना की तरफ जाने वाले वाहन जब सुभाष चौक पर एग्जिट लेते हैं तो मालिबु टाउन के गेट के पास कंपनियों की बसें सड़क पर ही खड़ी हो जाती हैं जिसकी वजह से गाड़ियों की लंबी कतारें लग जाती है ।

वाटिका चौक पर बनाना होगा एंट्री एग्जिट प्वाइंट
सुभाष चौक पर 50 मीटर के अंतराल पर ही एंट्री एग्जिट प्वाइंट होने की वजह से ट्रैफिक जाम की समस्या ज्यादा गंभीर हो जाती है । विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वाटिका चौक पर इस एलिवेटेड फ्लाओवर का एंट्री एग्जिट प्वाइंट नहीं बनाया जाएगा तब तक लोगों को ऐसे ही जाम की समस्या से दो चार होना पड़ेगा ।
वाटिका चौक (Vatika Chowk Cloverleaf) पर एंट्री एग्जिट प्वाइंट बनने के बाद SPR और Golf Course Road पर बनी सोसाइटियों में रहने वाले और आसपास के गांव वालों के वाहन सीधा एलिवेटेड फ्लाइओवर का इस्तेमाल करके सीधा वाटिका चौक पहुंचेंगे जिसकी वजह से सुभाष चौक पर ट्रैफिक नहीं फंसेगा । अभी इन इलाकों में रहने वाले वाहन चालकों को फ्लाइओवर के नीचे से ही आना पड़ता है जिसकी वजह से पीक आवर्स में गाड़ियों की संख्या अचानक बढ जाती है ।

सड़कों पर खड़ी कैब और बसें भी होती हैं जाम का कारण
केवल गाड़ियों की संख्या ही सोहना रोड़ पर जाम का मुख्य कारण नहीं है बल्कि इस रोड़ पर कई कंपनियों के कर्मचारियों लाने और ले जाने के लिए आने वाली टैक्सियां (Cab) और बसें (Bus) की जाम का कारण बनती है । ये टैक्सियां और बसें मेन सड़क पर ही खड़ी हो जाती हैं जिसकी वजह से गाड़ियों की रफ्तार कम हो जाती है जिसकी वजह से जाम लग जाता है ।

ट्रैफिक पुलिस की गैर-मौजूदगी
सोहना रोड़ जब कभी जाम की समस्या बनती है तो ट्रैफिक पुलिस भी नदारद मिलती है । सुभाष चौक पर एंट्री एग्जिट प्वाइंट इतने नजदीक हैं कि लोग पढे लिखे होनें के बावजूद गलत तरीके से ड्राइविंग करते हैं । एलिवेटेड फ्लाइओवर से आने वाले वाहन एंट्री प्वाइंट से अपनी गाड़ियों को निकालते हैं और सर्विस लेन से आने वाले वाहन अंडरपास की तरफ एंट्री लेते हैं जिसकी वजह से वाहन आपस में फंस जाते हैं ।
ट्रैफिक नियमों के पालना ना करने वालों को सबक सिखाने के लिए यहां पर गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस का कोई भी जवान तैनात नहीं होता जिसकी वजह से लोग मनमानी करते हैं और ट्रैफिक जाम लंबा होता जाता है । जब यहां पर ट्रैफिक नहीं होता तब ट्रैफिक के जवान यहां पर चालान काटने के लिए गाड़ियों को रोकते हुए दिखाई देते हैं लेकिन जाम के समय समस्या को सुलझाने के वक्त वो नदारद रहते हैं ।
पुलिस का काम करने का दावा
वहीं जब इस समस्या के बारे में गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता संदीप कुमार से बात की गई तो उन्होनें गुरुग्राम न्यूज़ को बताया कि पुलिस गुरुग्राम में लगने वाले ट्रैफिक जाम की जगहों को चिन्हित कर रही है और जाम को खत्म करने के लिए अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की तैनाती कर रही है । उन्होनें बताया कि पीक आवर्स में गाड़ियों की संख्यां अधिक होने की वजह से जाम की समस्या पैदा हो जाती है ।










