Smart Water Meter : अब बिजली के बाद पानी के मीटर भी हुए स्मार्ट, रखेंगे बूंद-बूंद का हिसाब, निगम इलाके में लगने शुरू

नगर निगम गुरुग्राम ने सेक्टर-45 से शुरू की पायलट परियोजना; अल्ट्रासोनिक तकनीक से पानी की खपत पर रखी जाएगी सटीक नजर

Smart Water Meter/गुरुग्राम
बिजली के स्मार्ट मीटरों के बाद अब गुरुग्राम में पानी के मीटर भी स्मार्ट होने जा रहे हैं। नगर निगम गुरुग्राम (MCG) ने शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को आधुनिक,
पारदर्शी और तकनीक-संचालित बनाने की दिशा में एक बड़ी शुरुआत की है। निगम क्षेत्र के सेक्टर-45 में अल्ट्रासोनिक Smart Water Meter लगाने की पायलट परियोजना का काम आधिकारिक तौर पर शुरू कर दिया गया है।

Smart Water Meter इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य शहर में पानी की बर्बादी को रोकना, हर घर में जल की खपत का सटीक मापन करना और नागरिकों को निर्बाध जलापूर्ति सेवाएं उपलब्ध कराना है।

क्या है अल्ट्रासोनिक स्मार्ट वाटर मीटर (Smart Water Meter) तकनीक?

Smart Water Meter Sample

पारंपरिक पानी के मीटरों की तुलना में यह अल्ट्रासोनिक Smart Water Meter अत्यधिक सटीक और आधुनिक तकनीक पर आधारित हैं।

  • सटीक रीडिंग: Smart Water Meter यह तकनीक पानी के प्रवाह का सटीक मापन करती है, जिससे बिलिंग से जुड़ी शिकायतें दूर होंगी।

  • डिजिटल डेटा कलेक्शन: Smart Water Meter का डेटा संग्रह करने के लिए हैंडहेल्ड यूनिट (Handheld Units) का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे बिना किसी मानवीय भूल के डेटा सीधे दर्ज हो सकेगा।

  • बर्बादी पर लगाम: Smart Water Metering से जल स्रोतों का बेहतर प्रबंधन संभव होगा और उपभोक्ता भी अपनी खपत के प्रति अधिक जागरूक होंगे।

14 दिसंबर तक पूरा होगा पायलट चरण (Smart Water Meter) का काम

नगर निगम द्वारा जारी कार्यादेश (Work Order) के अनुसार, सेक्टर-45 में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए इन Smart Water Meter की आपूर्ति और स्थापना का काम निर्धारित समय-सीमा के तहत किया जा रहा है। निर्माण एवं स्थापना कार्य की अवधि 15 अक्टूबर 2026 से 14 दिसंबर 2026 तय की गई है।

इस पायलट चरण के दौरान काम की गुणवत्ता और तकनीकी मापदंडों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। सेक्टर-45 से मिलने वाले अनुभवों और नतीजों के आधार पर ही आने वाले समय में शहर के अन्य वार्डों और सेक्टरों में Smart Water Meter लगाने का काम आगे बढ़ाया जाएगा।

निगमायुक्त का क्या कहना है?

निगमायुक्त प्रदीप दहिया के अनुसार, “स्मार्ट वाटर मीटर लगाने  (Smart Water Meter) की यह पहल गुरुग्राम की जलापूर्ति व्यवस्था में तकनीकी सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम है। आधुनिक मीटरिंग व्यवस्था से पानी की खपत का हिसाब-किताब अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी होगा। नगर निगम का लक्ष्य शहर में जल संरक्षण को बढ़ावा देना और नागरिकों को बेहतर तकनीकी सुविधाएं प्रदान करना है।”

Smart Water Meter : जल संरक्षण और बेहतर नागरिक सेवाओं की ओर कदम

शहर में तेजी से बढ़ते जल संकट और भूजल स्तर की चुनौतियों को देखते हुए यह परियोजना बेहद अहम मानी जा रही है। Smart Water Meter के आ जाने से जहाँ एक तरफ लीकेज और पानी की चोरी पर रोक लगेगी, वहीं दूसरी तरफ उपभोक्ता केवल उतनी ही राशि का भुगतान करेंगे जितना पानी वे इस्तेमाल करते हैं।

Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
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