Sleeper Vande Bharat Train : आज देश को मिलेगी पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन की सौगात, जाने क्या हैं खासियत ?
यह पहली बार होगा कि देश की सबसे आधुनिक और तेज़ ट्रेन लंबी दूरी की यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए स्लीपर ट्रेन पटरी पर उतरेगी । अब से पहले वंदे भारत ट्रेन चेयरकार के रुप में अपनी सेवाएं दे रही थी लेकिन अब सफर और आरामदायक होने जा रहा है ।

Sleeper Vande Bharat Train : भारतीय रेल के इतिहास में आज का दिन जुड़ने जा रहा है । आज देश के प्रधानमंत्री भारत की पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत करने वाले हैं । शनिवार को देश के पीएम नरेन्द्र मोदी पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे ।
यह पहली बार होगा कि देश की सबसे आधुनिक और तेज़ ट्रेन लंबी दूरी की यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए स्लीपर ट्रेन पटरी पर उतरेगी । अब से पहले वंदे भारत ट्रेन चेयरकार के रुप में अपनी सेवाएं दे रही थी लेकिन अब सफर और आरामदायक होने जा रहा है ।

किस रुट पर चलेगी पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन ?
भारत की पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन बंगाल के हावड़ा से असम के गुवाहटी (कामख्या) के बीच चलेगी । दोनों स्टेशनों के बीच लगभग 958 किलोमीटर की इस दूरी को ये ट्रेन मात्र 14 घंटों में तय कर लेगी । 18 जनवरी यानि कि रविवार से इस ट्रेन की नियमित रुप से सेवाएं शुरु कर दी जाएगी जिससे नॉर्थईस्ट भारत और पश्चिम बंगाल के बीच कनेक्टिविटी को एक नई धार मिलेगी ।
कितना होगा किराया ?
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की अधिकतम स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा (kmph) है लेकिन रोज़ाना परिचालन के लिए दौरान इसे 130 kmph की औसत गति पर चलाया जाएगा । इस ट्रेन का बाहरी हिस्सा इस तरह से बनाया गया है जो हवा के अवरोध को कम करता है और ट्रेन को तेज़ गति से दौड़ने में मदद करता है ।
वंदे भारत स्लीपर सेमी हाई स्पीड ट्रेन में कुल 16 कोच लगाए गए हैं जिनकी कुल क्षमता 1128 यात्रियों की होने वाली है । इस ट्रेन का किराया भी निर्धारित किया जा चुका है ।
एसी-3 टियर : 11 कोच – किराया लगभग 2,300 रुपए
एसी-2 टियर: 4 कोचर – किराया लगभग 3,000 रुपए
फर्स्ट एसी: 1 कोच – किराया लगभग 3,600 रुपए
इस वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराय राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों से अधिक रखा गया है । न्यूनतम किराया 400 किलोमीटर की दूरी के आधार पर तय किया गया है । इस ट्रेन में आधुनिक सुविधाओं और कम यात्रा टाइम को देखते हुए निर्धारित किया गया है ।


नो वेटिंग, नो आरएसी
इस ट्रेन की एक और बड़ी खासियत इसकी सरल और पारदर्शी टिकट बुकिंग प्रणाली है । वंदे भारत स्लीपर में यात्रा करने के लिए यात्रियों को ‘वेटिंग लिस्ट’ या ‘आरएसी (RAC)’ के झंझट से नहीं जूझना पड़ेगा । इसमें केवल पूर्णतः कन्फर्म टिकट ही जारी किए जाएंगे । इससे चार्ट बनने तक की अनिश्चितता खत्म हो जाएगी । साथ ही, ट्रेन में ‘नो वीआईपी कोटा’ पॉलिसी लागू रहेगी । यानी इसमें रेल अधिकारियों या किसी अन्य प्रभावशाली व्यक्ति के लिए कोई विशेष इमरजेंसी कोटा नहीं होगा ।
‘कवच’ और एंटी-कोलिजन सिस्टम
यात्रियों की सुरक्षा भारतीय रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है । वंदे भारत स्लीपर में स्वदेशी रूप से विकसित ‘कवच’ (Kavach) ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया गया है । यह तकनीक दो ट्रेनों की आमने-सामने की टक्कर को रोकने में सक्षम है । इसके अलावा, ट्रेन में इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट दी गई है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में यात्री सीधे ट्रेन ड्राइवर या गार्ड से बात कर सकेंगे । ड्राइवर के केबिन को भी पूरी तरह से डिजिटल और एडवांस कंट्रोल पैनल से लैस किया गया है, ताकि ट्रेन के संचालन में मानवीय त्रुटि की गुंजाइश न रहे ।
इंटीरियर में भारतीय संस्कृति की झलक
वंदे भारत स्लीपर के इंटीरियर में यात्रियों को भारतीय संस्कृति और आधुनिक कला अनूठा संगम मिलने वाला है । सभी कोचों के अंदर सजावट और पेंटिंग्स को बहुत बारीकी से डिजाइन किया गया है । इसके अलावा इस ट्रेन में Noise Reduction Technology का इस्तेमाल किया गया है जिससे हाई स्पीड में चलने पर यात्रियों को कोच के अंदर भी शांति अनुभव होगी ।












