School Bomb Threat : गुरुग्राम के 7 नामी स्कूलों को मिली बम से उड़ाने की धमकी , जांच में निकला हॉक्स मेल, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

जानकारी के अनुसार, गुरुग्राम के विभिन्न सेक्टरों में स्थित नामी स्कूलों को एक ही समय पर ई-मेल भेजा गया था। ई-मेल में दावा किया गया था कि स्कूल परिसर में विस्फोटक रखे गए हैं।

School Bomb Threat : साइबर सिटी गुरुग्राम में मंगलवार की सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब शहर के सात से अधिक प्रतिष्ठित निजी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ। सुबह 8:33 बजे आए इस ई-मेल के बाद प्रशासन और शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया। एहतियात के तौर पर स्कूलों ने तुरंत छुट्टी घोषित कर दी, जिससे हजारों अभिभावकों और बच्चों में डर का माहौल बन गया।

जानकारी के अनुसार, गुरुग्राम के विभिन्न सेक्टरों में स्थित नामी स्कूलों को एक ही समय पर ई-मेल भेजा गया था। ई-मेल में दावा किया गया था कि स्कूल परिसर में विस्फोटक रखे गए हैं। जैसे ही स्कूल प्रबंधन ने मेल देखा, तुरंत स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन को इसकी सूचना दी गई।

स्कूलों ने बिना देरी किए अभिभावकों को मोबाइल मैसेज और ई-मेल के जरिए सूचित किया।अपरिहार्य सुरक्षा कारणों से आज स्कूल में छुट्टी की जा रही है। कृपया अपने बच्चों को तुरंत स्कूल से वापस ले जाएं या बस स्टॉप पर रिसीव करें।

सूचना मिलते ही गुरुग्राम पुलिस की टीमें, बम निरोधक दस्ता (Bomb Squad) और डॉग स्क्वायड के साथ मौके पर पहुंच गईं। पुलिस ने पूरे स्कूल परिसर को सील कर दिया और चप्पे-चप्पे की तलाशी ली। लगभग चार घंटे तक चले इस गहन सर्च ऑपरेशन के दौरान क्लासरूम, खेल के मैदान, कैंटीन और पार्किंग एरिया की बारीकी से जांच की गई।

दोपहर तक चली लंबी जांच के बाद पुलिस को किसी भी स्कूल परिसर से कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ। पुलिस प्रवक्ता ने मीडिया से बातचीत में पुष्टि की कि यह एक ‘हॉक्स मेल’ (अफवाह) थी, जिसका उद्देश्य केवल दहशत फैलाना था।

पुलिस प्रवक्ता ने कहा हमें सुबह सूचना मिली थी, जिसके बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत तुरंत कार्रवाई की गई। जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। हम ई-मेल के आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रैक कर रहे हैं ताकि शरारती तत्वों को सलाखों के पीछे भेजा जा सके। अभिभावकों को घबराने की जरूरत नहीं है।

पिछले कुछ महीनों में दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों को इस तरह के धमकी भरे मेल मिलने के मामलों में तेजी आई है। मई 2024 में भी दिल्ली के करीब 100 स्कूलों को इसी तरह के ई-मेल मिले थे, जो बाद में फर्जी पाए गए थे। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के ‘मास मेल’ अक्सर विदेशी सर्वर का उपयोग करके भेजे जाते हैं ताकि जांच एजेंसियों को भ्रमित किया जा सके।

  

Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
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