Saharanpur Delhi Dehradun Expressway: दिल्ली से देहरादून के सफर को लग गए चार चाँद, अब 6 नहीं मात्र ढाई घंटे में मिलेगी मंजिल
Saharanpur-Delhi-Dehradun Expressway: वाहन चालक जो दिल्ली से देहरादून रास्ते पर यात्रा करते हैं उनके लिए बड़ी गुड न्यूज है। अप दिल्ली से देहरादून की यात्रा सुकून भरी होने जा रही है। जिस सफर में अब आपको 6 साढ़े 6 घंटे लगते हैं वही सफर आ वाले दिनों में महज 2 घंटे में पूरा हो जाएगा।

Saharanpur-Delhi-Dehradun Expressway: वाहन चालक जो दिल्ली से देहरादून रास्ते पर यात्रा करते हैं उनके लिए बड़ी गुड न्यूज है। अप दिल्ली से देहरादून की यात्रा सुकून भरी होने जा रही है। जिस सफर में अब आपको 6 साढ़े 6 घंटे लगते हैं वही सफर आ वाले दिनों में महज 2 घंटे में पूरा हो जाएगा।
निर्माण की लागत 13000 करोड़ रुपये
परियोजना निदेशक प्रदीप गोसाईं ने बताया कि 210 किलोमीटर लंबे इस हाईवे के निर्माण की लागत 13000 करोड़ रुपये है। चार खंडों में पहला खंड दिल्ली के अक्षरधाम से बागपत के ईस्टर्न पेरिफेरल हाईवे तक है, जो 32 किलोमीटर लंबा है। फिर दूसरा भाग ईस्टर्न पेरिफेरल हाईवे से सहारनपुर बाईपास लखनौर तक है। इसकी लंबाई 118 मील है।
41 किलोमीटर का तीसरा हिस्सा बनकर तैयार

सहारनपुर-दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को लेकर सुखद खबर आ गई है। एक्सप्रेसवे का 41 किलोमीटर का तीसरा हिस्सा बनकर आपके लिए तैयार हो चुका है। इसके सभी 9 पुल बनकर तैयार हो चुके हैं। इन्हें पक्का करने का काम भी जल्द पूरा हो जाएगा। इनमें से शेरपुर और खानजादपुर पुल को वाहनों के लिए खोल दिया गया है।
सफर शुरू

इसके अलावा बाकी पुलों पर एक सप्ताह के अंदर आवाजाही शुरू हो जाएगी। यह घोषणा एनएचएआई के परियोजना निदेशक प्रदीप गोसाईं ने की। साथ ही उन्होंने यह भी घोषणा की कि इस सहारनपुर-दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का काम चार चरणों में किया जा रहा है।
एशिया का सबसे लंबा वन्यजीव गलियारा
इसके बाद तीसरा चरण लखनौर से गणेशपुर तक 41 किलोमीटर का है। फिर चौथा चरण देहरादून के गणेशपुर से आसारोढ़ी तक है, जो 19 किलोमीटर लंबा है और दिल्ली और देहरादून को जोड़ता है। यह एशिया का सबसे लंबा वन्यजीव गलियारा है। इसलिए अब लोगों के लिए दिल्ली से देहरादून का सफर आसान हो जाएगा।
तीसरे चरण का काम जारी
उन्होंने यह भी घोषणा की कि एक्सप्रेसवे के तीसरे चरण पर काम चल रहा है, जो इसी महीने पूरा हो जाएगा। वहीं, पहले और चौथे चरण का काम पूरा हो चुका है। इसके बाद सिर्फ तीसरे चरण का काम बाकी रह जाएगा।












