लापरवाही पर भड़के Rao Narbir : मंत्री जी ने ली अधिकारियों की क्लास, फील्ड में रहने के दिए सख्त निर्देश
सफाई और ड्रेनेज में कोताही बर्दाश्त नहीं, जनता की शिकायतों का समाधान करने में देरी हुई तो नपेंगे अधिकारी

Rao Narbir : गुरुग्राम को सुंदर और सुव्यवस्थित बनाने के लिए हरियाणा सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में है। सोमवार को उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान कड़े तेवर दिखाए और स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
अधिकारियों को ‘फील्ड’ में उतरने का आदेश
बैठक में मंत्री Rao Narbir ने जीएमडीए (GMDA) और नगर निगम के अधिकारियों को ऑफिस छोड़कर फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश दिए。 उन्होंने कहा कि अधिकारी धरातल पर जाकर कार्यों की निगरानी करें और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
मानसून से पहले ड्रेनेज पर विशेष फोकस
जलभराव की समस्या पर सख्ती दिखाते हुए Rao Narbir ने निर्देश दिए कि मानसून आने से पहले सभी प्रमुख नालों की सफाई और डी-सिल्टिंग का काम समय पर पूरा हो जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि बारिश के दौरान शहर में जलभराव हुआ तो जवाबदेही तय की जाएगी।
सफाई व्यवस्था: लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाई
शहर की सफाई व्यवस्था पर चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा, “कचरा निस्तारण में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी”।
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में 400 वाहनों के जरिए डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन किया जा रहा है।
प्रतिदिन 540 किलोमीटर सड़कों की सफाई मशीनों के माध्यम से की जा रही है।
मंत्री ने आदेश दिया कि कचरा डंपिंग पॉइंट्स की नियमित निगरानी की जाए ताकि शहर स्वच्छ दिखे।
सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए करोड़ों का बजट
सड़क निर्माण की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि:
वर्तमान में 447 करोड़ रुपये के सड़क संबंधी कार्य प्रगति पर हैं।
1271 करोड़ रुपये के नए कार्यों के अलॉटमेंट की प्रक्रिया जारी है।
द्वारका एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड और सेक्टर डिवाइडिंग रोड्स के कार्यों को प्राथमिकता पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
पेयजल आपूर्ति में न हो कमी
गर्मी के मौसम को देखते हुए मंत्री ने पेयजल आपूर्ति सुचारू रखने के निर्देश दिए। वर्तमान में गुरुग्राम में नगर निगम द्वारा लगभग 455 एमएलडी (MLD) पानी की आपूर्ति की जा रही है। मंत्री ने कहा कि पानी की किल्लत वाले क्षेत्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं और सख्त निगरानी तंत्र तैयार रखा जाए।
बैठक का निष्कर्ष: लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में हुई इस हाई-लेवल बैठक में जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा और निगमायुक्त प्रदीप दहिया सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री ने अंत में साफ संदेश दिया कि सरकार की प्राथमिकता केवल बेहतर बुनियादी ढांचा प्रदान करना है और जो अधिकारी इसमें बाधा बनेंगे, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।