Punishment : मोबाइल और पैसे लूटने के तीन दोषियों को दस-दस साल की सज़ा सुनाई गई
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, वीरेंद्र मलिक की माननीय अदालत ने शुक्रवार 26 सितंबर 2025 को फैसला सुनाते हुए तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 साल की कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।

Punishment : 26 नवंबर 2018 को सैक्टर-40, गुरुग्राम के एच-ब्लॉक साउथ सिटी-1 में हुई ₹37 लाख की सनसनीखेज लूट के मामले में गुरुग्राम पुलिस को बड़ी सफलता मिली है । अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, वीरेंद्र मलिक की माननीय अदालत ने शुक्रवार 26 सितंबर 2025 को फैसला सुनाते हुए तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 साल की कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।
क्या था मामला ?

26 नवंबर 2018 को गुरुग्राम के थाना सैक्टर-40 पुलिस को सूचना मिली कि एच-ब्लॉक साउथ सिटी -1, गुरुग्राम में ₹37 लाख की लूट हुई है। पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची, जहां गैस गोदाम के मालिक, मैनेजर और ड्राइवर मौजूद मिले । शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि गाँव टिकली स्थित उनके गैस गोदाम का मैनेजर तीन दिन की बैंक छुट्टी के कारण ₹37 लाख की नकदी बैंक में जमा नहीं कर पाया था । 26 नवंबर को जब मैनेजर और ड्राइवर नकदी का बैग लेकर बैंक जाने के लिए गाड़ी में बैठे, तभी दो नौजवान लड़कों ने आकर पिस्तौल दिखाकर नगदी का बैग और ड्राइवर का मोबाइल फोन लूट लिया । शिकायत के आधार पर पुलिस थाना सैक्टर-40 में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग अंकित किया गया था ।
पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार
गुरुग्राम पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए लूट की वारदात को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों को काबू किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान 1. सन्नी उर्फ हनी निवासी गांव छोटी पुठ खुर्द (दिल्ली), 2. अजय निवासी क़ुतुबगढ़ (नई दिल्ली) और 3. ईश्वर उर्फ दीपक निवासी गांव ब्राह्मणवास, जिला रोहतक (हरियाणा) के रूप में हुई। पुलिस टीम ने गहनता से अनुसन्धान करते हुए सभी आवश्यक साक्ष्य व गवाह एकत्रित किए और माननीय अदालत में चार्जशीट दाखिल की।
अदालत का फैसला

पुलिस द्वारा पेश किए गए सुबूतों और गवाहों के आधार पर, माननीय अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया ।
- आरोपी सन्नी उर्फ हनी व अजय को धारा 392, 397 व 120B IPC के तहत 10 साल की कैद (कठोर कारावास) और ₹50 हजार जुर्माने की सज़ा सुनाई गई।
- आरोपी ईश्वर उर्फ दीपक को धारा 392, 397 व 120B IPC के तहत 10 साल की कैद (कठोर कारावास) और ₹50 हजार जुर्माने के साथ ही शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत 03 साल की कैद और ₹05 हजार जुर्माने की अतिरिक्त सज़ा सुनाई गई है।











