गुरुग्राम और नूंह में प्राइवेट कंपनी करेगी Power Supply, निजी कंपनी को 25 साल के लिए लाइसेंस जारी

Power Supply : हरियाणा में पहली बार अब प्राइवेट कंपनी बिजली आपूर्ति करेगी, इसके लिए सोमवार को हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग ने लाइसेंस जारी कर दिया । प्राइवेट कंपनी को बिजली सप्लाई के लिए 25 साल का लाइसेंस जारी किया गया है । हरियाणा में सबसे पहले दो जिले गुरुग्राम और नूंह में प्राइवेट कंपनी बिजली की सप्लाई करेगी ।
कैसे मिलेगी बिजली सप्लाई ?
ऐसा नहीं है कि सरकारी कंपनी DHBVN अब गुरुग्राम और नूंह में बिजली सप्लाई सेवा बंद कर देगी और प्राइवेट कंपनी ही सारी व्यवस्था संभालेगी बल्कि निजी कंपनी अपना समानांतर स्ट्रक्चर खड़ा करेगी और उपभोक्ताओं को ये अधिकार होगा कि वो कौन सी कंपनी की बिजली आपूर्ति इस्तेमाल करना चाहेगा । इसके लागू होने से बिजली क्षेत्र में कम्पीटीशन आ जाएगा ।
तुरंत नहीं बदल पाएंगे कंपनी
मौजूदा समय में गुरुग्राम और नूंह इलाके में लगभग 8.3 लाख बिजली उपभोक्ता है । जैसे जैसे नया नेटवर्क इन इलाकों में पहुंचेगा, वैसे वैसे बिजली उपभोक्ताओं को इन दो कंपनियों में से किसी एक को चुनने का विकल्प मिलेगा । हालांकि लाइसेंस के अनुसार उपभोक्ता तुरंत ही अपना बिजली कनेक्शन बदल नहीं पाएंगे ऐसा तभी हो पाएगा जब बकाया बिलों और मीटरिंग को लेकर नियमों को मंजूरी नहीं मिल जाती है ।
पांच साल में 4.7 हज़ार करोड़ का होगा निवेश
HERC ने प्राइवेट कंपनी इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को 25 सालों के लिए बिजली सप्लाई करने का लाइसेंस जारी किया है । इसके अनुसार इलेवन पावर कंपनी गुरुग्राम और नूंह इलाके में 4,717 करोड़ रुपए का निवेश करेगी । इस निवेश में 4,650 करोड़ रुपए से बिजली तारों से जुड़े कार्य होंगे जबकि 66.36 करोड़ रुपए बिजली आपूर्ति के लिए रखे गए हैं ।
हरियाणा में है पहला लाइसेंस
ये हरियाणा में पहला लाइसेंस है जिसमें समानांतर वितरण होगा । बिजली अधिनियम, 2003 के तहत भारत में अब तक बहुत कम जगहों पर इस तरह के लाइसेंस जारी किए गए हैं । इस अधिनियम की धारा 14 के तहत एक इलाके में एक से अधिक बिजली वितरण कंपनियों को काम करने की अनुमति दी जाती है । इस तरह की व्यवस्था अभी मुंबई में लागू है ।
बिजलीकर्मियों और INLD ने किया विरोध
बिजली आयोग के इस फैसले को लेकर अभी से विरोध होना शुरु हो गया है । हरियाणा के बिजलीकर्मियों ने इस फैसले का विरोध करना शुरु कर दिया है । इस फैसले को लेकर करनाल में सोमवार शाम बिजली कर्मियों की आपातकालीन बैठक भी बुलाई गई । इस फैसले का पहले ही कैबिनेट मंत्री अनिल विज भी विरोध कर चुके हैं ।
