Drone Survey: गुरुग्राम-मानेसर में जलभराव से मुक्ति की तैयारी, 350 वर्ग किमी दायरे का ड्रोन सर्वे कराएगा GMDA
बरसाती नालों और तालाबों की होगी मैपिंग, गुरुग्राम से पलवल तक नाला बनाने की योजना

Drone Survey/गुरुग्राम
मानसून के दौरान मिलेनियम सिटी में उत्पन्न होने वाली जलभराव की गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) ने एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। GMDA द्वारा गुरुग्राम-मानेसर विकास योजना के तहत लगभग 350 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में ड्रोन सर्वेक्षण (Drone Survey) कराया जाएगा। संबंधित प्रशासनिक विभागों से आवश्यक स्वीकृतियां मिलने के बाद यह ड्रोन सर्वे अगले माह से शुरू होने की उम्मीद है।
हालिया मानसूनी बारिश के दौरान शहर के कई प्रमुख क्षेत्रों में डेढ़ से दो फीट तक जलभराव दर्ज किया गया था, जिससे आम नागरिकों और वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए, ड्रोन सर्वे (Drone Survey) के माध्यम से बरसाती नाला नंबर 1, 2 और 3 के अलावा मानेसर से आने वाले मुख्य बरसाती नाले और आसपास मौजूद तालाबों का विस्तृत जल-आकलन किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य बारिश के अतिरिक्त पानी को इन तालाबों तक सुचारू रूप से पहुंचाना है।
गुरुग्राम से पलवल तक बरसाती नाला बनाने की परियोजना: Drone Survey
जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से GMDA गुरुग्राम से पलवल के समीप यमुना नदी तक एक नए बरसाती नाले के निर्माण पर भी काम कर रहा है। इसके लिए परामर्शदाता कंपनी (Consultant Firm) की नियुक्ति पूरी कर ली गई है। योजना के अनुसार बादशाहपुर नाले के पानी को सोहना और नूंह के रास्ते पलवल तक ले जाया जाएगा। इस मार्ग में पड़ने वाले जलाशयों और तालाबों को जोड़ने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी, जिससे न केवल जलभराव रुकेगा बल्कि क्षेत्र के भूजल स्तर में भी सुधार होगा।
विभाग का रुख: Drone Survey
GMDA के अधिकारियों के अनुसार, सभी संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त होते ही Drone Survey सर्वेक्षण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। सर्वे से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर नालों की सफाई, चौड़ाई और तालाबों तक जल संचयन के लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
