Delhi Blast के बाद Gurugram Police का एक्शन, हर डिलीवरी ब्वॉय और टैक्सी ड्राइवर का होगा वैरिफिकेशन
सभी कर्मचारियों के लिए पुलिस सत्यापन (Police Verification) और अपडेटेड रिकॉर्ड रखना अनिवार्य कर दिया गया है। यह फैसला गुरुग्राम के तेजी से बढ़ते कॉर्पोरेट और तकनीकी परिवेश के मद्देनज़र लिया गया है, जहाँ बड़ी आबादी इन सेवाओं पर निर्भर करती है।

Gurugram : नागरिकों की सुरक्षा और शहर में बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से गुरुग्राम पुलिस मुख्यालय ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। पुलिस उपायुक्त मुख्यालय ने शुक्रवार को ऑनलाइन फूड डिलीवरी और कैब सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की,
जिसमें उनके सभी कर्मचारियों के लिए पुलिस सत्यापन (Police Verification) और अपडेटेड रिकॉर्ड रखना अनिवार्य कर दिया गया है। यह फैसला गुरुग्राम के तेजी से बढ़ते कॉर्पोरेट और तकनीकी परिवेश के मद्देनज़र लिया गया है, जहाँ बड़ी आबादी इन सेवाओं पर निर्भर करती है।
उपायुक्त मुख्यालय डॉ. अर्पित जैन ने कंपनियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि कोई भी कर्मचारी बिना पुलिस सत्यापन के कार्य नहीं करेगा। यह सुनिश्चित करना कंपनियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है कि उनके सभी डिलीवरी पार्टनर्स और कैब चालकों का पूरा रिकॉर्ड पुलिस विभाग के पास हो। डॉ. जैन ने ज़ोर देकर कहा कि किसी भी आपातस्थिति या संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने के लिए यह रिकॉर्डिंग बेहद आवश्यक है।
बैठक में महिला सुरक्षा पर विशेष सतर्कता बरतने पर भी ज़ोर दिया गया। कैब कंपनियों को निर्देशित किया गया है कि वे रात के समय काम करने वाले चालकों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस ने साफ किया है कि यदि किसी कर्मचारी की आपराधिक पृष्ठभूमि पाई जाती है, तो कंपनी तुरंत पुलिस को सूचित करते हुए उसे काम से हटाए।

डॉ. अर्पित जैन ने आगे कहा कि, गुरुग्राम एक बड़ा कॉर्पोरेट केंद्र है और इन सेवाओं पर निर्भरता बहुत अधिक है। ऐसे में, आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर एक कर्मचारी का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य है।” बैठक में मौजूद सभी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने पुलिस विभाग को आश्वासन दिया है कि वे इस सत्यापन प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा करेंगे और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करेंगे। यह कदम शहर की नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।











