Namo Bharat के रूट में रुकावट बनी पाइपलाइन, Gurugram में दूसरी जगह की जाएगी शिफ्ट
इस रूट पर सबसे बड़ी बाधाओं में से एक, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) की पेट्रोलियम उत्पाद पाइपलाइन को सफलतापूर्वक हटाया गया है। यह कदम प्रोजेक्ट के सिविल निर्माण कार्य को जल्द शुरू करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।

Namo Bharat : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) द्वारा संचालित किए जा रहे देश के पहले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) यानी ‘नमो भारत’ ट्रेन के निर्माण ने हरियाणा में गति पकड़ ली है। गुरुग्राम से बावल तक प्रस्तावित महत्वपूर्ण कॉरिडोर पर आने वाली बाधाओं को दूर करने का काम शुरू हो चुका है।
हाल ही में, इस रूट पर सबसे बड़ी बाधाओं में से एक, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) की पेट्रोलियम उत्पाद पाइपलाइन को सफलतापूर्वक हटाया गया है। यह कदम प्रोजेक्ट के सिविल निर्माण कार्य को जल्द शुरू करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
आरआरटीएस कॉरिडोर के निर्माण में सबसे जटिल कार्यों में से एक था मौजूदा यूटिलिटी संरचनाओं (जैसे- गैस पाइपलाइन, बिजली के खंभे और जल आपूर्ति लाइनें) को मार्ग से हटाना या शिफ्ट करना।
चुनौतीपूर्ण स्थान: गुरुग्राम-मानेसर क्षेत्र के पास ‘नमो भारत’ कॉरिडोर के प्रस्तावित रूट पर इंडियन ऑयल की यह क्रिटिकल पाइपलाइन आ रही थी।
सफलता: एनएचएआई (NHAI) और आईओसीएल (IOCL) के साथ समन्वय स्थापित करते हुए, इस पाइपलाइन को सफलतापूर्वक शिफ्ट करने का काम पूरा कर लिया गया है।
अगला कदम: यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम लगभग पूरा होने के बाद अब मुख्य कॉरिडोर के लिए बुनियादी सिविल निर्माण कार्य, जिसमें पिलर्स और वायाडक्ट (Viaduct) का निर्माण शामिल है, तेजी से शुरू किया जा सकेगा।
गुरुग्राम-बावल कॉरिडोर हरियाणा के प्रमुख औद्योगिक और वाणिज्यिक केंद्रों को जोड़ेगा। यह प्रोजेक्ट दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी-शाहजहांपुर-नीमराना-बावल आरआरटीएस कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कनेक्टिविटी: यह रूट सीधे औद्योगिक हब (मानेसर) और शैक्षणिक केंद्रों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जोड़ेगा, जिससे हजारों दैनिक यात्रियों को लाभ होगा।
समय की बचत: ‘नमो भारत’ ट्रेनें अपनी उच्च गति (High Speed) के कारण यात्रा समय को नाटकीय रूप से कम कर देंगी, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में क्रांति आएगी।
प्रदूषण नियंत्रण: यह प्रोजेक्ट सड़कों पर निजी वाहनों का दबाव कम करेगा, जिससे गुरुग्राम और एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी।
एनसीआरटीसी इस महत्वाकांक्षी परियोजना को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है, और यूटिलिटी शिफ्टिंग का सफल समापन इस दिशा में एक निर्णायक कदम है।














