Petrol Diesel Price Hike : पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी: दो हफ्ते में चौथी बार बढ़े दाम, आज की नई दरें ?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की उछाल के चलते तेल कंपनियों ने बढ़ाई कीमतें; दिल्ली में पेट्रोल ₹102 के पार, आम आदमी का बजट बिगड़ा

Petrol Diesel Price Hike : देश में आम जनता को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) ने आज, यानी 25 मई 2026 को एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की लगातार बढ़ती कीमतों और वैश्विक तनाव का सीधा असर अब भारतीय उपभोक्ताओं की जेब पर देखने को मिल रहा है। सुबह 6 बजे से ही देश भर में ईंधन के नए दाम लागू हो चुके हैं।
कितनी हुई बढ़ोतरी और कौन सी बार बढ़े दाम?
आज की बढ़ोतरी इस महीने की सबसे बड़ी बढ़ोतरी में से एक है। तेल कंपनियों ने आज पेट्रोल की कीमतों में ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में ₹2.71 प्रति लीटर का बड़ा इजाफा किया है। आपको बता दें कि पिछले दो हफ्तों के भीतर यह लगातार चौथी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले 15 मई को करीब चार साल के लंबे अंतराल के बाद पहली बार कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद 19 मई और फिर 23 मई (शनिवार) को भी तेल के दाम बढ़ाए गए थे। इन चार किस्तों में कुल मिलाकर पेट्रोल और डीजल के दाम करीब ₹7.50 से अधिक महंगे हो चुके हैं।
देश के चार प्रमुख महानगरों में आज की नई दरें
स्थानीय वैट (VAT) और माल ढुलाई शुल्क अलग होने के कारण हर राज्य और शहर में पेट्रोल-डीजल के दाम अलग-अलग होते हैं। आज की बढ़ोतरी के बाद चारों प्रमुख महानगरों में कीमतें इस प्रकार हैं:
क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
विशेषज्ञों और तेल कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य वजह पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी भू-राजनीतिक तनाव है। इस तनाव के चलते वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है।
कच्चे तेल की ऊंची कीमत: अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) लगातार $100 प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है, जो पिछले महीनों में $104 से $110 प्रति बैरल के दायरे में कारोबार कर रहा है।
कंपनियों का घाटा (Under-recoveries): तेल विपणन कंपनियों (IOC, BPCL, HPCL) का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दाम बढ़ने के बावजूद लंबे समय तक भारत में कीमतें स्थिर रखी गई थीं, जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा था। इस घाटे की आंशिक भरपाई के लिए अब धीरे-धीरे कीमतें बढ़ाई जा रही हैं।
आम जनता और अर्थव्यवस्था पर असर
ईंधन के दामों में इस तरह लगातार हो रही बढ़ोतरी का सीधा असर आम आदमी की रसोई और जेब पर पड़ेगा। डीजल के दाम बढ़ने से देश में माल ढुलाई (Transportation Cost) महंगी हो जाएगी। फल, सब्जियां, दूध और राशन जैसी जरूरी चीजों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने की लागत बढ़ने से आने वाले दिनों में खुदरा महंगाई (Retail Inflation) और बढ़ सकती है।
लगातार बढ़ते दामों से परेशान आम उपभोक्ताओं और ट्रांसपोर्ट संगठनों ने सरकार से टैक्स (Excise Duty और VAT) कम कर तुरंत राहत देने की मांग शुरू कर दी है। हालांकि, बाजार के जानकारों का मानना है कि यदि वैश्विक मोर्चे पर कच्चे तेल के दामों में कमी नहीं आई, तो आने वाले दिनों में कुछ और छोटे या बड़े हाइक देखने को मिल सकते हैं।