Online Fraud : पुलिस ने बैंक खाते और सिम कार्ड बेचने वाले 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस पूछताछ में इस रैकेट के संचालन का चौंकाने वाला खुलासा हुआ। ठगी की गई ₹20 लाख की रकम में से एक बड़ी राशि आरोपी रोहित के बैंक खाते में ट्रांसफर हुई थी।

Online Fraud : व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए ट्रेडिंग और ऊँचे मुनाफे का लालच देकर की जा रही ठगी के मामले में गुरुग्राम पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। साइबर अपराध दक्षिण पुलिस स्टेशन की टीम ने धोखाधड़ी के इस रैकेट को ज़मीनी स्तर पर मदद पहुँचाने वाले तीन अहम आरोपियों को हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार किया है। ये आरोपी ठगी की रकम को छिपाने के लिए ‘म्यूल अकाउंट’ (किराए के खाते) और फर्जी आईडी पर सिम कार्ड उपलब्ध करा रहे थे।
साइबर क्राइम ACP प्रियान्शु दिवान के नेतृत्व में निरीक्षक नवीन कुमार की टीम ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 12.11.2025 को तीन आरोपियों – दीपक (24), आकाश (22) और मनोज (37) को काबू किया। ये तीनों आरोपी हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पौंदा साहिब के निवासी हैं।

पुलिस पूछताछ में इस रैकेट के संचालन का चौंकाने वाला खुलासा हुआ। ठगी की गई ₹20 लाख की रकम में से एक बड़ी राशि आरोपी रोहित के बैंक खाते में ट्रांसफर हुई थी। रोहित ने यह खाता सिर्फ ₹5,000 में आरोपी दीपक को बेच दिया था। दीपक ने आगे लालच में आकर इसी बैंक खाते को किसी अन्य सक्रिय ठग को भारी मुनाफा कमाते हुए ₹50,000 में बेच दिया था। यह दर्शाता है कि धोखाधड़ी करने वालों के लिए वैध दिखने वाले बैंक खातों की उपलब्धता कितनी महत्वपूर्ण है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक, मनोज (CSC सेंटर संचालक), ठगों को सिम कार्ड उपलब्ध कराने में मदद करता था। मनोज ने आरोपी आकाश की आईडी का इस्तेमाल करके एक सिम कार्ड निकाला और इसे ₹2,000 में किसी अज्ञात व्यक्ति को बेच दिया। सिम कार्ड के बदले आकाश को मात्र ₹500 मिले थे। साइबर फ्रॉड में ये सिम कार्ड अक्सर फेंक दिए जाते हैं, जिससे मुख्य आरोपी का पता लगाना मुश्किल हो जाता है।
पुलिस टीम ने इस मामले में अब तक आकाश, मनोज और दीपक सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी साइबर फ्रॉड की परतें खोलने में महत्वपूर्ण है, क्योंकि अब मुख्य जालसाजों तक पहुंचने के लिए इन ‘म्यूल अकाउंट’ और सिम कार्ड सप्लायर चेन की कड़ी को तोड़ा जा रहा है।
तीनों आरोपियों को आज दिनांक 13.11.2025 को माननीय अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि इस अभियोग में ठगी की मुख्य वारदात को अंजाम देने वाले सरगना की तलाश में अनुसंधान तेज़ी से जारी है।











