Gurugram में नहीं रुक रहा GMDA का बुलडोज़र, शहर डूब जाए लेकिन तोड़फोड़ जारी रहेगी

Gurugram : बारिश के दौरान भले ही गुरुग्राम शहर डूब जाए लेकिन गुरुग्राम में लगातार बुलडोज़र कार्रवाई जारी रहेगी । सोमवार को जलभराव वाले दिन भी गुरुग्राम में कई जगहों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई जो कि अब तक जारी है । वीरवार को भी गुरुग्राम के कई इलाकों में जीएमडीए का बुलडोज़र अवैध निर्माणों पर चलता रहा ।
गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने शहर में अतिक्रमण के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई को और तेज कर दिया है। सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अनधिकृत कब्जों को हटाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी.सी. मीणा ने अधिकारियों को अतिक्रमण के खिलाफ सख्त एवं निरंतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के साथ-साथ कार्रवाई के बाद खाली कराए गए क्षेत्रों की प्रभावी निगरानी के निर्देश दिए हैं, ताकि वहां दोबारा अतिक्रमण न हो और सार्वजनिक स्थानों का उपयोग आमजन के लिए सुनिश्चित किया जा सके।
इसी क्रम में डीटीपी जीएमडीए आर.एस. बाठ के नेतृत्व में गुरुवार को गुरुग्राम के विभिन्न हिस्सों में व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान करीब 15 किलोमीटर सड़क क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई। विभिन्न स्थानों पर प्रवर्तन टीमों को तैनात कर सार्वजनिक सड़क एवं अन्य स्थानों पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया और इन स्थानों को उनके निर्धारित सार्वजनिक उपयोग के लिए बहाल किया गया।
बसई रोड (9बी/10) तथा सेक्टर 37सी/10 के लगभग 3 किलोमीटर क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई। बसई रोड पर करीब 65 टीन शेड, रैंप और 10 रेहड़ियां हटाई गईं। व्यस्त बसई रोड पर अतिक्रमण एवं आवागमन में आ रही बाधाओं को लेकर स्थानीय निवासियों द्वारा उठाई गई चिंताओं को देखते हुए यहां विशेष अभियान चलाया गया। सार्वजनिक क्षेत्र में लगभग 10 से 15 फीट तक फैले स्थायी टीन शेड भी हटाए गए।
सेक्टर 101/104 के लगभग 1 किलोमीटर क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान 5 रेहड़ियां, एक कबाड़ी की दुकान और 2 झुग्गियां हटाई गईं । सेक्टर 37सी/9बी, सेक्टर 37सी/37डी और सेक्टर 37डी/9बी के संयुक्त रूप से लगभग 3.7 किलोमीटर क्षेत्र में प्रवर्तन कार्रवाई की गई। इस दौरान करीब 60 रेहड़ियां, टीन शेड, एक कबाड़ी की दुकान तथा बंजारों के डेरे सहित अन्य अतिक्रमण हटाए गए।
अभियान को सेक्टर 102/102ए तक भी विस्तारित किया गया, जहां करीब 1.5 किलोमीटर सड़क क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए लगभग 20 रेहड़ियां और 3 नर्सरी से संबंधित अतिक्रमण हटाए गए। सेक्टर 102ए/103 के लगभग 1.5 किलोमीटर क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान 8 टीन शेड हटाए गए। वहीं, सेक्टर 103/106 के करीब 2 किलोमीटर क्षेत्र में लगभग 30 अवैध बोर्ड हटाकर सड़क क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
प्रवर्तन टीमों द्वारा सेक्टर 51/52, सेक्टर 51/57 और सेक्टर 52/57 के बीच स्थित सेक्टर डिवाइडिंग रोड पर भी कार्रवाई की गई। इन तीनों सड़कों के लगभग 4 किलोमीटर क्षेत्र में संयुक्त रूप से अभियान चलाया गया। इस दौरान करीब 25 झुग्गियां एवं बंजारों के डेरे, 25 रेहड़ियां तथा 15 टीन शेड और रैंप हटाए गए।
अभियान को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए करीब 10 जेसीबी मशीनों के साथ समर्पित प्रवर्तन टीमें तैनात की गई थीं। प्रत्येक टीम को अलग-अलग सड़क क्षेत्र में कार्रवाई की जिम्मेदारी दी गई। जिन स्थानों पर अतिक्रमण हटाया गया है, वहां दोबारा अतिक्रमण रोकने के लिए प्रवर्तन टीमों द्वारा लगातार निगरानी भी रखी जा रही है।
जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी.सी. मीणा के निर्देशानुसार प्रवर्तन टीमों को विशेष रूप से सेक्टर डिवाइडिंग रोड सहित अन्य प्रमुख सड़कों पर अतिक्रमण के खिलाफ सख्त एवं निरंतर कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, चिन्हित किए गए अन्य स्थानों पर आने वाले दिनों में अभियान चलाने तथा जिन क्षेत्रों में कार्रवाई हो चुकी है, वहां निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रवर्तन अभियान के दौरान जिला नगर योजनाकार द्वारा आम नागरिकों को जीएमडीए के हाल ही में शुरू किए गए एंटी-एन्क्रोचमेंट पोर्टल के बारे में भी जानकारी दी गई। इस पोर्टल के माध्यम से नागरिक अतिक्रमण की सूचना जीएमडीए के साथ साझा कर सकते हैं और ऐसे मामलों की पहचान एवं कार्रवाई में प्राधिकरण का सहयोग कर सकते हैं। यह पहल अतिक्रमण नियंत्रण में जनभागीदारी को मजबूत करने और गुरुग्राम को अतिक्रमण मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अभियान के दौरान विभिन्न स्थानों पर आम नागरिकों का भी प्रवर्तन टीमों को सहयोग मिला।
जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी.सी. मीणा ने कहा कि शहर में अनधिकृत अतिक्रमण के खिलाफ जीएमडीए की सख्त एवं निरंतर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ दोबारा अतिक्रमण रोकने के लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाएगा, ताकि सड़कें एवं सार्वजनिक स्थान खुले, सुगम और आमजन के निर्धारित उपयोग के लिए उपलब्ध रहें।
