Old Gurugram Metro पर एलिवेटेड रुट को लेकर विरोध, राष्ट्रीय सुरक्षा को बताया खतरा
पूर्व सैनिकों का कहना है कि यह मार्ग केवल एक व्यस्त सड़क नहीं, बल्कि एक रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र से होकर गुजरता है। इसके साथ-साथ सैन्य प्रतिष्ठान, गोला-बारूद डिपो, फायरिंग रेंज और कैंटोनमेंट से सटे संवेदनशील क्षेत्र स्थित हैं।

Old Gurugram Metro : ओल्ड गुरुग्राम पिछले कई सालों से मेट्रो की बांट देख रहा है । इस रुट पर पहले फेज़ में मेट्रो निर्माण का काम भी शुरु हो चुका है लेकिन अब एक नई अड़चन इसमें सामने आ गई है । ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो रुट एलिविटेड होने वाला है इसी को लेकर अब पूर्व सैनिकों ने विरोध जताना शुरु कर दिया है ।
पूर्व सैनिकों का कहना है कि पालम विहार एरिया में मेट्रो रुट को एलिवेटेड ना करके बल्कि अंडरग्राउंड करना चाहिए । पूर्व सैनिकों ने हरियाणा के सीएम को पत्र लिखकर चिंता जताई है कि पालम विहार एरिया में आयुध डिपो, फायरिंग रेंज और कैंटोनमेंट जोन हैं और अगर यहां पर एलिवेटेड मेट्रो बनाई जाती है तो ये राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है ।
गुरुग्राम में प्रस्तावित मेट्रो परियोजना के एक महत्वपूर्ण हिस्से पालम विहार, सेक्टर-22/23, ज्वाला मिल, उद्योग विहार फेज-IV से होते हुए ओल्ड दिल्ली रोड को एनएच-48 (Delhi Gurugram Expressway) से जोड़ने वाले रोड़ पर एलिवेटेड मेट्रो लाइन बनाए जाने के प्रस्ताव को लेकर नागरिकों, पूर्व सैनिकों और सुरक्षा विशेषज्ञों में गहरी चिंता व्याप्त है ।
पूर्व सैनिकों का कहना है कि यह मार्ग केवल एक व्यस्त सड़क नहीं, बल्कि एक रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र से होकर गुजरता है। इसके साथ-साथ सैन्य प्रतिष्ठान, गोला-बारूद डिपो, फायरिंग रेंज और कैंटोनमेंट से सटे संवेदनशील क्षेत्र स्थित हैं।

इस क्षेत्र में एलिवेटेड मेट्रो लाइन बनने से इन रक्षा प्रतिष्ठानों की सीधी दृश्यता (Direct Exposure) संभव हो जाएगी, जो कि राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकती है।


70,000 से अधिक पूर्व सैनिक परिवार प्रभावित
गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों में लगभग 70,000 से अधिक पूर्व सैनिक एवं उनके परिवार रहते हैं । इनमें से प्रतिदिन लगभग 10,000 से 15,000 बुजुर्ग पूर्व सैनिक और उनके आश्रित इसी रोड़ से होकर ECHS पॉलीक्लिनिक (चिकित्सा सुविधा) और CSD कैंटीन तक पहुंचते हैं । भारी ट्रैफिक के कारण मात्र 4 किलोमीटर की दूरी तय करने में 40 मिनट तक का समय लग जाता है, जिससे वरिष्ठ नागरिकों को अत्यधिक असुविधा होती है।
एलिवेटेड मेट्रो से ट्रैफिक संकट और बढ़ेगा
स्थानीय निवासियों का मानना है कि यदि इस मार्ग पर मेट्रो को एलिवेटेड बनाया गया तो सड़क की उपयोगी चौड़ाई और कम होगी, वर्षों तक निर्माण कार्य से जाम और बढ़ेगा, एम्बुलेंस, स्कूल बस, बुजुर्गों और कार्यालय कर्मियों को भारी परेशानी होगी, दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ेगी।

भूमिगत मेट्रो ही सुरक्षित और व्यावहारिक समाधान
पूर्व में यह सुझाव भी दिया गया था कि उद्योग विहार फेज-IV और सैन्य क्षेत्र के पास लगभग 1 किलोमीटर के हिस्से को भूमिगत (Underground) रखा जाए। यह समाधान राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, ट्रैफिक को प्रभावित नहीं करेगा,वरिष्ठ नागरिकों को राहत देगा और दीर्घकालिक रूप से बेहतर शहरी नियोजन सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री जनसंवाद में उठाया गया मुद्दा
यह विषय मुख्यमंत्री जनसंवाद (प्री-बजट बैठक) के दौरान Major (Dr.) T.C. Rao, Veteran द्वारा मुख्यमंत्री हरियाणा के समक्ष उठाया गया, जहां मुख्यमंत्री ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय मानते हुए विचार करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री के नाम एक पत्र भी लिख चुके हैं।











