दिल्ली-NCR में नया GRAP लागू, स्टेज-1 लागू होते ही निर्माण पर सख्ती शुरू, AQI बढ़ने से पहले ही लगेंगी कड़ी पाबंदियां
CAQM का नया एक्शन प्लान लागू: स्टेज-2 से ही स्टोन क्रशर और माइनिंग पर रोक, BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल गाड़ियों की आवाजाही पर कसेगा शिकंजा।

GRAP/गुरुग्राम:
दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता खराब होने से रोकने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने कमर कस ली है। सुप्रीम कोर्ट के 12 दिसंबर 2024 और 19 नवंबर 2025 के ऐतिहासिक निर्देशों का पालन करते हुए CAQM ने संशोधित ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का नया शेड्यूल जारी कर दिया है।
नए GRAP नियमों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस बार वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के अति-गंभीर स्तर तक पहुँचने का इंतजार नहीं किया जाएगा, बल्कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर AQI बिगड़ने से पहले ही सख्त पाबंदियां लागू कर दी जाएंगी।
AQI के आधार पर GRAP के 4 चरण: GRAP
मौसम विभाग के अग्रिम अनुमानों के अनुसार GRAP पाबंदियां लागू की जाएंगी। यदि किसी वजह से अचानक प्रदूषण बढ़ता है, तो तुरंत संबंधित स्टेज के कड़े नियम प्रभावी हो जाएंगे:
स्टेज-1 (‘खराब’ श्रेणी – AQI 201-300): शुरुआती स्तर पर ही निगरानी और शुरुआती प्रतिबंध।
स्टेज-2 (‘बेहद खराब’ श्रेणी – AQI 301-400): माइनिंग, स्टोन क्रशर बंद और गाड़ियों पर बंदिशें।
स्टेज-3 (‘गंभीर’ श्रेणी – AQI 401-450): निर्माण और ध्वस्तीकरण पर पूर्ण/आंशिक रोक।
स्टेज-4 (‘बेहद गंभीर’ श्रेणी – AQI 450 से अधिक): आपातकालीन उपाय व व्यावसायिक वाहनों के प्रवेश पर सख्त रोक।
विशेष नियम: एक बार जो पाबंदी जिस चरण में लागू कर दी जाएगी, वह उसके अगले (उच्च) चरण में भी स्वतः जारी रहेगी।
निर्माण कार्यों और कचरे पर स्टेज-1 से ही कस जाएगा शिकंजा
नए GRAP शेड्यूल के तहत स्टेज-1 लागू होते ही निर्माण और ध्वस्तीकरण (C&D) गतिविधियों पर सख्ती शुरू हो जाएगी:
वेब पोर्टल रजिस्ट्रेशन अनिवार्य: 500 वर्ग मीटर से बड़े सभी निर्माण प्रोजेक्ट्स को C&D पोर्टल पर पंजीकृत होना होगा।
धूल नियंत्रण उपाय: एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल, नियमित पानी का छिड़काव और कचरे को ढंककर ले जाना अनिवार्य होगा।
कड़ा जुर्माना: कचरा प्रबंधन में लापरवाही, खुले में कूड़ा जलाने या लैंडफिल साइटों में आग लगने की घटनाओं पर अधिकतम पेनल्टी लगाई जाएगी।
सड़कों की सफाई: सड़कों की रोजाना मैकेनिकल स्वीपिंग (मशीनी सफाई) और वाटर स्प्रिंकलिंग की जाएगी।
गाड़ियों पर बड़ा शिकंजा: स्टोन क्रशर और माइनिंग पर तुरंत रोक
जैसे ही दिल्ली-एनसीआर में स्टेज-2 की नौबत आएगी, सख्त कदम उठाए जाएंगे:
माइनिंग और स्टोन क्रशर ठप: पूरे एनसीआर क्षेत्र में स्टोन क्रशर और खनन गतिविधियों को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
BS-3 और BS-4 वाहनों पर रोक: गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल वाली चार पहिया गाड़ियों के परिचालन पर प्रतिबंध रहेगा।
कमर्शियल वाहनों पर सख्ती: दिल्ली में BS-4 डीजल वाले मध्यम मालवाहक वाहनों (Medium Goods Vehicles) की एंट्री और संचालन बंद रहेगा।
सघन जांच व ट्रैफिक मैनेजमेंट: ट्रैफिक पुलिस को पीयूसी (PUC) सर्टिफिकेट की सख्त चेकिंग करने और ट्रैफिक जाम वाले हॉटस्पॉट्स पर विशेष बल तैनात करने का आदेश दिया गया है।
नगर निगम और नागरिकों की जिम्मेदारी
गुरुग्राम समेत पूरे एनसीआर के स्थानीय निकायों ने मोर्चा संभाल लिया है। नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया के अनुसार, सड़कों पर पानी के छिड़काव, एंटी-स्मॉग गन के इस्तेमाल और नियम तोड़ने वालों पर चालान काटने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
नागरिकों के लिए ‘सिटिजन चार्टर’:
आयोग ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है:
समीर (SAMEER) ऐप पर रोज AQI अपडेट देखें।
गाड़ियों का PUC सर्टिफिकेट अप-टू-डेट रखें और रेड लाइट पर इंजन बंद करें।
निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को प्राथमिकता दें।
डीजी सेट (DG Sets) का इस्तेमाल न्यूनतम करें और त्योहारों पर पटाखों से पूरी तरह बचें।
प्रदूषण या नियम उल्लंघन की शिकायत ‘311 ऐप’ या ‘समीर ऐप’ पर दर्ज कराएं।
