एक घंटे का ऑपरेशन, गिनने में लगे 6 घंटे, 70 साल की उम्र में पेट से निकली 8,125 पथरी

टीम ने मिनिमली इनवेसिव लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की और महज एक घंटे में पित्ताशय की थैली से सारी पथरी निकाल दी । लेकिन असली हैरानी तब हुई जब ऑपरेशन के बाद सपोर्ट टीम ने गिनना शुरू किया और गिनती 8,125 पर जाकर रुकी ।

Gurugram News Network – फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट (Fortis Memorial Research Institute) गुरुग्राम में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ डॉक्टरों की टीम ने 70 वर्षीय एक बुजुर्ग के पित्ताशय (गॉल ब्लैडर) से रिकॉर्ड तोड़ 8,125 पथरी मात्र 60 मिनट की सर्जरी में सफलतापूर्वक निकाल दी । यह मामला चिकित्सा जगत में दुर्लभ होने के साथ-साथ एक बड़ी उपलब्धि भी है ।

हालांकि, असली चुनौती पथरी गिनने में आई, जिसमें पूरे 6 घंटे का समय लग गया । सर्जरी के दो दिन बाद ही मरीज को अस्पताल से छुट्टी मिल गई और वह पूरी तरह स्वस्थ हैं ।

मिली जानकारी के अनुसार, मरीज कई सालों से पेट दर्द, बुखार, भूख न लगना और कमजोरी जैसी शिकायतों से जूझ रहे थे, लेकिन इलाज से दूर भागते रहे । जब हालत ज्यादा बिगड़ गई और दर्द हद से बाहर हो गया, तो उन्हें आनन-फानन में फोर्टिस गुरुग्राम लाया गया। जांच में पता चला कि पित्ताशय पूरी तरह पथरियों से भरा पड़ा है और मामला बेहद गंभीर हो चुका था ।

डॉ. अमित जावेद और डॉ. नरोल्ला येगार की टीम ने मिनिमली इनवेसिव लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की और महज एक घंटे में पित्ताशय की थैली से सारी पथरी निकाल दी । लेकिन असली हैरानी तब हुई जब ऑपरेशन के बाद सपोर्ट टीम ने गिनना शुरू किया और गिनती 8,125 पर जाकर रुकी ।


क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स:
डॉ. अमित जावेद ने कहा कि यह मामला दुर्लभ था, लेकिन अकल्पनीय नहीं। जब गॉल ब्लैडर की पथरी का समय रहते इलाज नहीं होता है तो ये धीरे-धीरे जमा होती जाती हैं। यहां तक कि कैंसर का खतरा भी था। डॉक्टरों के मुताबिक, इस तरह की पथरियां अक्सर कोलेस्ट्रॉल से बनी होती हैं और इनका संबंध मोटापे और हाई-फैट डाइट से होता है। ऐसे में ये केस सिर्फ सर्जरी नहीं, लोगों के लिए भी एक चेतावनी है।

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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