Mission Yamuna : यमुना को प्रदूषित करने वाले 44 पॉइंट होंगे सील, जानें क्या है नया एक्शन प्लान
मुख्यमंत्री के निर्देश पर नगर निगम, GMDA और HSVP ने एक संयुक्त एक्शन प्लान तैयार किया है। प्रशासन का संकल्प है कि 31 दिसंबर 2026 तक गुरुग्राम से एक बूंद भी गंदा पानी यमुना में नहीं जाने दिया जाएगा।

Mission Yamuna : यमुना नदी की सेहत सुधारने के लिए प्रशासन ने अब तक का सबसे कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य सचिव के सामने पेश की गई एक ताजा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि गुरुग्राम के 44 अलग-अलग पॉइंट से रोजाना करीब 120 एमएलडी (MLD) गंदा पानी नजफगढ़ नाले के जरिए यमुना में गिर रहा है।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर नगर निगम, GMDA और HSVP ने एक संयुक्त एक्शन प्लान तैयार किया है। प्रशासन का संकल्प है कि 31 दिसंबर 2026 तक गुरुग्राम से एक बूंद भी गंदा पानी यमुना में नहीं जाने दिया जाएगा।
शहर के बरसाती नालों (लेग-1, 2 और 3) में सीवर के अवैध कनेक्शन इस प्रदूषण की मुख्य वजह हैं। प्रशासन ने 300 से ज्यादा ऐसे कनेक्शनों की पहचान की है, जिनमें 1600 एमएम और 1000 एमएम के बड़े पाइप भी शामिल हैं। इन सभी को काटने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया जा रहा है।
लेग-1 में 18 एमएलडी बिना साफ किया पानी बह रहा है। 28 फैक्ट्रियां भी अपना कचरा इसी में डाल रही हैं। 41 एमएलडी पानी को पहले ही डायवर्ट किया जा चुका है। बजघेड़ा में 3 एमएलडी का नया प्लांट 30 मई 2026 तक और रेजांगला चौक का काम 11 जून 2026 तक पूरा होगा।
लेग-2 में यहां 46 एमएलडी प्रदूषित पानी बह रहा है। प्रदूषण का स्तर 115 मिलीग्राम प्रति लीटर है। जहाजगढ़ में 20 एमएलडी का प्लांट सक्रिय है। इसके अलावा, धनवापुर (सेक्टर-107) में 100 एमएलडी का नया प्लांट प्रस्तावित है। बाकी बचे पानी को रोकने के लिए 30 जून 2026 का समय तय है।
लेग-3 में शहर का सबसे बड़ा नाला है जहां सबसे ज्यादा 37 अवैध पॉइंट हैं। यहां प्रदूषण स्तर भी सर्वाधिक (128 मिलीग्राम प्रति लीटर) है। 55.2 एमएलडी गंदे पानी को रोकने के लिए 12 ट्रीटमेंट प्लांट काम कर रहे हैं। प्रशासन ने इसे पूरी तरह साफ करने के लिए 31 दिसंबर 2026 का लक्ष्य रखा है।
सरकार की योजना केवल पानी रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पुनर्चक्रण (Recycle) पर भी है। धनवापुर, बहरमपुर और नौरंगपुर में 240 एमएलडी क्षमता के तीन नए प्लांट लगाए जा रहे हैं। बहरमपुर प्लांट का 95% काम पूरा हो चुका है, जहाँ से 218 एमएलडी साफ किए हुए पानी को सीधे खेतों की सिंचाई के लिए भेजा जाएगा
तीनों लेग से प्रदूषित पानी की रोकथाम के लिए एक्शन प्लान तैयार है। इस साल के अंत तक यमुना में एक बूंद भी गंदा पानी नहीं जाने दिया जाएगा। निगम अपने क्षेत्रों में युद्धस्तर पर काम कर रहा है।”
विजय ढाका, मुख्य अभियंता, नगर निगम