Metro News : साइबर सिटी से ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो निर्माण में आ रहे 1660 पेड़े कटेंगे, कादरपुर में लगाए जाएंगे नए पौधे
मेट्रो परियोजना का स्वागत तो हो रहा है, लेकिन पेड़ों को काटने पर नागरिकों की प्रतिक्रिया मिली-जुली है। एक ओर, लोग मेट्रो के आने से ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर, पर्यावरणविदों और आम जनता में पेड़ों के कटने को लेकर नाराजगी है।

Metro News : साइबर सिटी से ओल्ड गुरुग्राम को जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित मेट्रो परियोजना अब धरातल पर उतरने लगी है। इस प्रोजेक्ट के तहत मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक का कॉरिडोर बनाने के लिए 1660 पेड़ों को हटाए जाने का काम शुरू हो गया है।
गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) की टीम ने गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) और हरियाणा वन विकास निगम के साथ मिलकर पेड़ों की छंटाई और काटने का काम शुरू कर दिया है। इससे साफ है कि शहर में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर पर्यावरण को भी कीमत चुकानी पड़ रही है।
जीएमआरएल के अधिकारियों के मुताबिक, सबसे पहले सेक्टर-44 के फुटपाथ पर लगे पेड़ों को काटा जा रहा है। इसके बाद सड़क के सेंट्रल वर्ज पर लगे पेड़ों को हटाया जाएगा। फिलहाल, एक मशीन पाइल टेस्टिंग का काम कर रही है, जिसे जल्द ही बढ़ाया जाएगा ताकि काम में तेजी आ सके।
प्रोजेक्ट के पहले चरण में मिलेनियम सिटी स्टेशन, सेक्टर-45, साइबर पार्क, सेक्टर 47, सुभाष चौक, सेक्टर-48, सेक्टर-72 ए, हीरो होंडा चौक, उद्योग विहार फेज- 6, सेक्टर-10, सेक्टर-37, बसई गांव, सेक्टर-9 और सेक्टर 33 में डिपो का सिविल कार्य होना है।
मिली जानकारी के अनुसार, मिलेनियम सिटी सेंटर पर इंटरचेंज स्टेशन बनेगा। भीड़भाड़ और सीवर-पानी की लाइनों के कारण यहां का काम तीन से चार महीने बाद शुरू होगा। इससे पहले, सेक्टर-44 स्थित जीएमडीए कार्यालय के पास से मेट्रो पिलर बनाने का काम शुरू होगा।
परियोजना के लिए इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों का काटा जाना एक गंभीर पर्यावरणीय चिंता का विषय है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि पेड़ काटने की अनुमति वन विभाग से पहले ही ली जा चुकी है। जीएमआरएल का दावा है कि वे कोशिश करेंगे कि निर्माण कार्य से कम से कम पेड़ प्रभावित हों।

हीरो होंडा चौक से बसई तक एनएचएआई पहले ही सड़क निर्माण के लिए पेड़ काट चुका है। अब मेट्रो के लिए भी पेड़ों को काटा जा रहा है, जिससे इस पूरे क्षेत्र की ग्रीन बेल्ट पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। अधिकारियों के अनुसार, जिन जगहों पर मेट्रो स्टेशन बनेंगे, वहां ग्रीन बेल्ट में पेड़ों की संख्या ज्यादा है।
मेट्रो परियोजना का स्वागत तो हो रहा है, लेकिन पेड़ों को काटने पर नागरिकों की प्रतिक्रिया मिली-जुली है। एक ओर, लोग मेट्रो के आने से ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर, पर्यावरणविदों और आम जनता में पेड़ों के कटने को लेकर नाराजगी है।
जीएमआरएल ने कॉरिडोर में आने वाली सीवर, पानी और ड्रेनेज लाइनों को शिफ्ट करने की तैयारी भी पूरी कर ली है। परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है।
मेट्रो के बनने से साइबर सिटी और ओल्ड गुरुग्राम के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे लाखों लोगों को फायदा मिलेगा। हालांकि, यह देखना होगा कि इस विकास की कीमत शहर को कितनी चुकानी पड़ती है।












