Jewar Airpot के पास बनेगा मेगा फुटवियर एंड लेदर पार्क, लाखों जूता कारीगरों की चमकेगी किस्मत
Mega Footwear and Leather Park: जेवर एयरपोर्ट के पास सेक्टर-8 में 100 एकड़ भूमि पर 'मेगा फुटवियर एंड लेदर पार्क' स्थापित किया जा रहा है। यह योजना आगरा और आस-पास के जूता उद्यमियों की जमकर मौज करवाने वाली है।

Jewar Airpot: जेवर एयरपोर्ट के पास सेक्टर-8 में 100 एकड़ भूमि पर ‘मेगा फुटवियर एंड लेदर पार्क’ स्थापित किया जा रहा है। यह योजना आगरा और आस-पास के जूता उद्यमियों की जमकर मौज करवाने वाली है। Mega Footwear and Leather Park
यीडा ने जेवर से आगरा तक न्यू आगरा अर्बन सेंटर विकसित करने के लिए मास्टर प्लान 2041 तैयार कर लिया है। मंगलवार को आगरा में हितधारकों के समक्ष उनकी प्रस्तुति दी गई। इस दौरान आगरा में जूता उद्यमियों ने फुटवियर पार्क के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग की थी। Mega Footwear and Leather Park
गुरुवार को फुटवियर एवं चमड़ा उद्योग विकास परिषद के अध्यक्ष पूरन डावर के नेतृत्व में फुटवियर उद्यमियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने नोएडा में वाईईआईडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुणवीर सिंह के साथ बैठक की। बैठक में मेगा लेदर क्लस्टर के लिए जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पूर्वी गेट स्थित सेक्टर-8 में 100 एकड़ भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया गया। Mega Footwear and Leather Park

उनका आशय पत्र तुरंत नियोक्ताओं को वितरित कर दिया गया। यह भूमि 9,775 रुपये प्रति वर्ग मीटर की कीमत पर खरीदी गई थी। अगले दो महीनों में पार्क की भूमि पर कब्जा कर लिया जाएगा। पूरन डावर ने कहा कि पार्क में 3000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। 3 लाख से अधिक नौकरियां सृजित होंगी। Mega Footwear and Leather Park
इस भूमि के लिए उत्तर प्रदेश फुटवियर नीति के अंतर्गत सब्सिडी दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा, यह योजना केंद्र की मेगा लेदर क्लस्टर नीति का भी हिस्सा है। जेवर एयरपोर्ट के पास निर्माणाधीन मेगा फुटवियर एवं लेदर पार्क से आगरा के जूता खुदरा विक्रेताओं को काफी लाभ मिलेगा। कारोबारियों ने कहा कि ताजमहल के कारण कारोबारी पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में नए जूता उद्योग की इकाइयां स्थापित नहीं कर सकते। Jewar Airpot
उद्यमी जेवर हवाई अड्डे के पास एक से दो एकड़ जमीन खरीदेंगे और वहां नई विनिर्माण इकाई स्थापित करेंगे। न्यू आगरा अर्बन सिटी के कारण भविष्य में यहां आर्थिक विकास की संभावना है। इससे औद्योगिक एवं रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।आगरा देश के प्रमुख चमड़ा और जूता उत्पादन केन्द्रों में से एक है। जेवर में चमड़ा पार्क आगरा के लघु एवं मध्यम उद्योगों को बड़ी कंपनियों से सम्पर्क प्रदान करेगा तथा उन्नत लोडिंग सुविधाओं के साथ निर्यात को बढ़ाएगा। Jewar Airpot
जेवर हवाई अड्डे के पास चमड़ा पार्क बनने से आगरा के उत्पादकों को त्वरित और सस्ता परिवहन उपलब्ध होगा। इससे अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को लाभ होगा। जेवर में स्थापित होने वाली बड़ी कंपनियां अनुबंध विनिर्माण, आपूर्ति श्रृंखला साझेदारी और क्लस्टर विकास के लिए आगरा स्थित निर्माताओं के साथ सहयोग कर सकती हैं। Jewar Airpot

युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण, नई नौकरियों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। आगरा से हर साल 4 हजार करोड़ रुपये के जूते निर्यात होते हैं। यहां 200 से अधिक निर्यातक हैं। जेवर एयरपोर्ट से कार्गो व अन्य सुविधाएं मिलने से भविष्य में यह निर्यात 10 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। Jewar Airpot
इसके अलावा आगरा से घरेलू जूता कारोबार करीब 20 हजार करोड़ रुपये सालाना का है। एक लाख से अधिक परिवार जूता उद्योग से जुड़े हुए हैं। बसपा सरकार में मुख्यमंत्री मायावती ने लेदर पार्क के लिए किरावली के महुआर गांव में 100 एकड़ जमीन अधिग्रहित की थी। 50 करोड़ रूपये खर्च किये गये हैं। लेकिन, टीटीजेड के पर्यावरण नियमों के कारण सुप्रीम कोर्ट ने चमड़ा पार्क के निर्माण पर रोक लगा दी है। महुआर लेदर पार्क का निर्माण पिछले 16 वर्षों में पूरा नहीं हो पाया है। Jewar Airpot











