MCG News: गड़बड़ी रोकने के लिए निगम ने तैनात किया जासूस, एआई से हर काम की होगी निगरानी
इस नई प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता इसका डिजिटल लॉक है। यदि किसी सड़क की निर्धारित उम्र (जैसे तारकोल सड़क के लिए 3 साल) अभी बाकी है, तो सिस्टम उसका नया टेंडर जनरेट ही नहीं करने देगा।

MCG News : साइबर सिटी के विकास कार्यों में होने वाले फर्जीवाड़े और जनता की गाढ़ी कमाई की बर्बादी को रोकने के लिए नगर निगम गुरुग्राम (MCG) ने एक अभूतपूर्व तकनीकी दीवार खड़ी कर दी है। अब शहर की सड़कों, नालों और पार्कों का टेंडर ‘अंधेरे’ में नहीं बल्कि AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और GIS (भौगोलिक सूचना प्रणाली) की निगरानी में होगा।
नगर निगम ने भ्रष्टाचार की जड़ यानी ‘दोहरी टेंडर प्रणाली’ को खत्म करने के लिए शहर के हर बुनियादी ढांचे (सड़क, सीवर, स्ट्रीट लाइट, बूस्टिंग स्टेशन) को एक Unique ID आवंटित की है। जब भी किसी नई सड़क का प्रस्ताव आएगा, अधिकारियों को जीआईएस लैब में उसकी आईडी अनलॉक करनी होगी। इस आईडी में सड़क के निर्माण की तारीख, इस्तेमाल की गई सामग्री, ठेकेदार का नाम और पिछली मरम्मत का पूरा ब्योरा दर्ज होगा।
इस नई प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता इसका डिजिटल लॉक है। यदि किसी सड़क की निर्धारित उम्र (जैसे तारकोल सड़क के लिए 3 साल) अभी बाकी है, तो सिस्टम उसका नया टेंडर जनरेट ही नहीं करने देगा। एआई तकनीक तुरंत अलर्ट जारी कर देगी कि यह कार्य अभी गारंटी अवधि (Defect Liability Period) के भीतर है। इससे अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से होने वाले कागजी कार्यों पर पूरी तरह रोक लग जाएगी।
निगम के इतिहास में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहाँ करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद पता चला कि जमीन निगम की थी ही नहीं (जैसे सेक्टर-9 पार्क और पीडब्ल्यूडी की सड़कें)। अब मैपिंग के दौरान यदि कोई संपत्ति निगम के अधिकार क्षेत्र से बाहर पाई गई, तो उसकी आईडी ही जनरेट नहीं होगी। इससे विभाग के बीच होने वाले क्षेत्राधिकार के विवाद और वित्तीय नुकसान से बचा जा सकेगा।
लापरवाही के दाग: क्यों पड़ी इस सिस्टम की जरूरत?
| मामला | क्या हुआ नुकसान? | नया सिस्टम कैसे रोकेगा? |
| सेक्टर-9 पार्क | HSVP की जमीन पर करोड़ों खर्च, बाद में तोड़फोड़ हुई। | GIS मैपिंग जमीन के असली मालिकाना हक की पुष्टि करेगी। |
| PWD सड़क | दूसरे विभाग की सड़क पर 1.5 करोड़ रुपये लुटा दिए। | बिना क्षेत्राधिकार के आईडी जनरेट नहीं होगी। |
| दोहरा टेंडर | एक ही काम को नाम बदलकर बार-बार करवाना। | एआई अलर्ट देगा कि काम की अवधि अभी पूरी नहीं हुई। |












