Old Gurugram Metro प्रोजेक्ट के लिए वर्ल्ड बैंक से मांगा लोन, अगले चार सालों में मेट्रो शुरू करने का लक्ष्य
ऋण की मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। GMRL का लक्ष्य है कि अगले चार वर्षों के भीतर इस रूट पर मेट्रो का संचालन शुरू कर दिया जाए।

Old Gurugram Metro : दिल्ली से सटे गुरुग्राम में मेट्रो कनेक्टिविटी देने के लिए ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना अब धरातल पर उतरने के करीब है। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) ने इस परियोजना के वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने के लिए वर्ल्ड बैंक (World Bank) से लगभग 2880 करोड़ रुपये के ऋण (Loan) की मांग की है।
हुडा सिटी सेंटर (अब मिलेनियम सिटी सेंटर) से साइबर सिटी तक बनने वाले इस मेट्रो लूप की कुल लंबाई लगभग 28.5 किलोमीटर होगी। इसमें कुल 27 स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से पुराने गुरुग्राम के घनी आबादी वाले क्षेत्रों जैसे पालम विहार, सुभाष चौक और कृष्णा चौक के निवासियों को सीधा लाभ मिलेगा और दिल्ली-गुरुग्राम के बीच यातायात का दबाव कम होगा।
परियोजना की कुल अनुमानित लागत लगभग 5,452 करोड़ रुपये है। इसमें केंद्र और हरियाणा सरकार की बराबर की हिस्सेदारी है। प्रोजेक्ट की फंडिंग को सुनिश्चित करने के लिए GMRL अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से संपर्क कर रहा है, जिसमें वर्ल्ड बैंक पहली पसंद बनकर उभरा है। अधिकारियों के मुताबिक, लोन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही वर्ल्ड बैंक की टीम प्रोजेक्ट साइट का दौरा कर सकती है।
ऋण की मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। GMRL का लक्ष्य है कि अगले चार वर्षों के भीतर इस रूट पर मेट्रो का संचालन शुरू कर दिया जाए। मेट्रो विस्तार से न केवल रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि शहर में प्रदूषण और जाम की समस्या से भी निजात मिलेगी।









