Liquor Scam In Gurugram : गुरुग्राम में कैसे हो रहा महंगी शराब को सस्ते में बेचने का खेल, समझिए पूरा माजरा !

Liquor Scam In Gurugram : हरियाणा के Gurugram में महंगी विदेशी शराब को सस्ते दामों पर बेचने का एक सुनियोजित खेल चल रहा है, जिसका हालिया खुलासा आबकारी विभाग की कार्रवाई के बाद हुआ है । जांच में सामने आया है कि इस पूरे रैकेट में डिस्ट्रीब्यूटर, फर्जी वेयरहाउस और कुछ ठेका संचालक शामिल हैं, जो कस्टम और एक्साइज टैक्स से बचकर शराब बाजार में उतार रहे हैं।
दरअसल, विदेशी शराब जब पोर्ट के जरिए देश में आती है तो उस पर कस्टम ड्यूटी और बाद में राज्य स्तर पर एक्साइज टैक्स देना होता है। नियमों के मुताबिक, शराब को अधिकृत वेयरहाउस में रखा जाता है और जब तक वह वहां रहती है, तब तक टैक्स प्रक्रिया पूरी की जाती है। लेकिन गुरुग्राम में कुछ डिस्ट्रीब्यूटर इस प्रक्रिया को कागजों तक सीमित कर रहे हैं।
टैक्स ना देकर सस्ते में बेच रहे थे महंगी शराब !
जांच में पता चला है कि डिस्ट्रीब्यूटर कस्टम विभाग को यह जानकारी देते हैं कि शराब को एक वेयरहाउस से दूसरे वेयरहाउस में ट्रांसफर किया जा रहा है। असलियत में दूसरा वेयरहाउस सिर्फ फाइलों में मौजूद होता है। शराब को वहां भेजने के बजाय सीधे ठेकों पर उतार दिया जाता है। इससे न तो कस्टम ड्यूटी चुकानी पड़ती है और न ही एक्साइज विभाग को टैक्स दिया जाता है।
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टैक्स और ड्यूटी बचने के कारण वही महंगी विदेशी शराब बाजार भाव से कहीं कम कीमत पर बेची जा रही है। इसी वजह से कुछ ठेकों पर ब्रांडेड शराब सामान्य रेट से काफी सस्ती मिल रही थी, जिसने विभागीय अधिकारियों को शक के दायरे में ला दिया। इसी शक के आधार पर की गई छापेमारी में करोड़ों रुपये की अवैध शराब पकड़ी गई।
सूत्रों के मुताबिक, इस नेटवर्क में कुछ मामलों में शराब को समंदर के रास्ते मंगाने का तरीका भी अपनाया गया। इससे पहले भी गुरुग्राम में अवैध विदेशी शराब की सप्लाई को लेकर ऐसे संकेत मिलते रहे हैं, जिससे यह साफ होता है कि यह एक संगठित और लंबे समय से चल रहा कारोबार है।
44 करोड़ का लाइसेंस फिर भी धोखाधड़ी !
चौंकाने वाली बात यह है कि जिन ठेकों पर यह खेल चल रहा था, उनकी लाइसेंस फीस करोड़ों रुपये में है। जानकारी मिली है सिग्नेचर टॉवर चौक पर जिस The THEKA Wine Shop पर करोड़ो रुपए की अवैध शराब मिली उसको लिकर लाइसेंस 44 करोड़ में दिया गया था, बावजूद इसके, मुनाफा बढ़ाने के लिए नियमों को ताक पर रखकर सस्ती शराब बेची जा रही थी। इसी नेटवर्क के तार अन्य शहरों, खासकर नारनौल, से भी जुड़े बताए जा रहे हैं।
आबकारी विभाग की जांच में यह भी सामने आया है कि इस मामले में शामिल ठेका मालिक के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और पूर्व में उसके ठिकानों पर National Investigation Agency (NIA) की कार्रवाई भी हो चुकी है। इससे यह मामला और भी गंभीर हो जाता है।
फिलहाल, आबकारी विभाग और कस्टम एजेंसियां पूरे सप्लाई चैन, डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क और फर्जी वेयरहाउस की परत-दर-परत जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि अगर यह रैकेट पूरी तरह उजागर होता है, तो गुरुग्राम ही नहीं बल्कि अन्य जिलों में भी चल रहे अवैध शराब कारोबार पर बड़ी कार्रवाई संभव है।