Old Gurugram Metro रुट पर ज़मीनों का मिलेगा बढा हुआ मुआवज़ा

Old Gurugram Metro : ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो रुट के बीच में आ रही जमीन का बढा हुआ मुआवजा देने की तैयारी शुरु कर दी गई है । गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड ने इस रुट में आ रही जमीन का बढा हुआ मुआवजा देने के लिए नई नीति तैयार कर ली है । इस नीति को मुंबई मेट्रो की तर्ज पर बनाया गया है । उम्मीद है कि अगले सप्ताह ही डीटीपी विभाग की तरफ से इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा ।
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो रुट के पहले फेज़ में कई ऐसे मकान आ रहे हैं जो कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा सेक्टर नौ एरिया में आबंटित किए गए थे । इसी तरह सेक्टर 4 में भी दो ऐसे मकान है जो कि इस मेट्रो रुट के बीच में आ रहे हैं । गुरुग्राम के डीसी द्वारा गठित कमेटी ने इन मकान मालिकों से बातचीत कर ली है ।
मकान मालिकों का कहना है कि या तो उन्हें वैकल्पिक प्लॉट दिया जाए या फिर उन्हें बाजार की कीमत के हिसाब से निर्माण की एवज में मुआवज़ा दिया जाए । इसी तरह सेक्टर 33 में मेट्रो डिपो बनाया जाना है जहां पर लगभग डेढ एकड़ ज़मीन पर लगभग 100 लेबर रुम बने हुए हैं ।
गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड द्वारा कराए गए सर्वे के अनुसार पहले और दूसरे चरण के मेट्रो निर्माण के आड़े 38 ऐसे मकान और दुकान आ रहे हैं जिनके पास पक्की रजिस्ट्री है । वहीं लगभग 121 ऐसे मकान-दुकान हैं जो कि अवैध रुप से बनाए गए हैं। इनमें से अधिकतर बसई फ्लाइओवर के आसपास बनाए गए हैं ।

जीएमआरएल के अधिकारी ने बताया कि नई नीति के बाद लोगों को उनका मुआवज़ा जल्द मिल जाएगा जो कि इससे प्रभावित होंगे । भूमि अधिग्रहण नीति के अनुसार मुआवजा जारी करने में काफी समय लग जाता है । इस नई नीति में गुरुग्राम के डीसी की अध्यक्षता में गठित कमेटी में उपमंडल अधिकारी, डीएमडीए, नगर निगम, एचएसवीपी और जीएमआरएल के अधिकारी शामिल होंगे ।











