गुरुग्राम में अवैध Guest House पर गिरेगी गाज: DTCP की नजरें टेढ़ी, 86 की हुई पहचान, जल्द होंगे सील
सुशांत लोक और साउथ सिटी समेत कई पॉश कॉलोनियों में सर्वे जारी; मानवाधिकार आयोग के सख्त निर्देश के बाद विभाग का बड़ा एक्शन

Guest House : साइबर सिटी के रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से चल रहे गेस्ट हाउस और पीजी (PG) संचालकों की अब खैर नहीं है। जिला नगर योजनाकार (DTCP) के प्रवर्तन दस्ते (Enforcement Wing) ने अवैध गेस्ट हाउसों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। हरियाणा मानवाधिकार आयोग (HHRC) के कड़े रुख के बाद विभाग ने पहले चरण में जिले के विभिन्न हिस्सों में 86 अवैध गेस्ट हाउसों को चिन्हित किया है, जिन्हें जल्द ही कारण बताओ नोटिस जारी कर सील करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर ‘सुपर एक्शन’ हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने रिहायशी इलाकों में बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों के चल रहे इन गेस्ट हाउसों पर स्वतः संज्ञान लिया था। आयोग का मानना है कि रिहायशी क्षेत्रों में इस तरह के अवैध व्यावसायिक संचालन से न केवल निवासियों की सुरक्षा को खतरा है, बल्कि यह मानव अधिकारों का भी उल्लंघन है। आयोग के इसी निर्देश के बाद डीटीसीपी ने नगर निगम (MCG) से डेटा जुटाकर अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।
इन इलाकों में चल रहा है सघन सर्वे जिला नगर योजनाकार (प्रवर्तन) अमित मधोलिया के अनुसार, विभाग की टीमें वर्तमान में गुरुग्राम की प्रमुख लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों में सर्वे कर रही हैं। इस अभियान के दायरे में ये प्रमुख इलाके शामिल हैं:
सुशांत लोक फेज 1, 2 और 3
साउथ सिटी 1 और 2
सन सिटी और उप्पल साउथएंड
मैलिबू टाउन और निर्वाण कंट्री
विपुल वर्ल्ड, सरस्वती कुंज और पालम विहार
सुरक्षा मानकों की उड़ी धज्जियां विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इन गेस्ट हाउसों के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। ये प्रतिष्ठान न केवल ज़ोनिंग नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि इनमें फायर सेफ्टी (अग्निशमन) और अन्य सुरक्षा मानकों की भी भारी अनदेखी की जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में हुई दुखद घटनाओं को देखते हुए प्रशासन अब किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है।
क्या होगा अगला कदम? इस सप्ताह के अंत तक चिन्हित किए गए 86 गेस्ट हाउसों का सत्यापन (Verification) कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके तुरंत बाद, इसी महीने के अंत तक प्रॉपर्टी मालिकों को नोटिस थमा दिए जाएंगे। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो विभाग इन अवैध संपत्तियों को सील करने और तोड़ने की कार्रवाई शुरू करेगा। इससे पहले डीएलएफ के फेज 1 से 5 तक में भी इसी तरह का सर्वे कर कार्रवाई की गई थी।