Heat Wave: देश में पड़ेगी भयंकर गर्मी, केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को जारी किए ये निर्देश, जानें क्या कहा?

अभी मार्च का महीना बीतने ही वाला है लेकिन देश के कई हिस्सों में गर्मी मई के महीने जैसी लगने लगी है। देश में बढ़ते तापमान को देखते हुए केंद्र सरकार ने सार्वजनिक आयोजनों के लिए सख्त नियम लागू कर दिए हैं। सरकार ने निर्देश दिया है कि किसी भी धार्मिक, राजनीतिक, सरकारी या अन्य बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम में हर व्यक्ति के लिए कम से कम दो लीटर पेयजल की व्यवस्था अनिवार्य होगी। यह नियम जुलाई तक प्रभावी रहेंगे।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने इस संबंध में राज्यों को विस्तृत दिशा-निर्देश भेजे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च से जुलाई के बीच देश के 20 से अधिक राज्यों में भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन को आदेश दिया गया है कि वे किसी भी सार्वजनिक आयोजन की अनुमति देने से पहले इन नियमों का पालन सुनिश्चित करें।
लू से मौत पर रिपोर्टिंग अनिवार्य
गर्मी के कारण होने वाली मौतों की निगरानी के लिए सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है। किसी भी व्यक्ति की लू या गर्मी से मौत होने पर उसका पोस्टमार्टम अनिवार्य रूप से किया जाएगा। सभी स्वास्थ्य केंद्रों को ऐसे मामलों की रोजाना रिपोर्ट राज्य और केंद्र को भेजनी होगी। साथ ही अस्पतालों में आपातकालीन कूलिंग व्यवस्था और एंबुलेंस सेवाओं को मजबूत करने का निर्देश दिया गया है।
स्वास्थ्य केंद्रों में ठंडक की व्यवस्था जरूरी
सरकार ने यह भी अनिवार्य किया है कि भीड़भाड़ वाले आयोजनों में मेडिकल टीमें तैनात की जाएं, जिनके पास ओआरएस घोल और बर्फ के पैक्स मौजूद हों। गर्मी से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए अस्पतालों में ठंडक की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए।
दोपहर 12 से 3 बजे तक धूप से बचें
स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को चेतावनी दी है कि मार्च से जून के बीच दोपहर 12 से 3 बजे तक सीधे धूप में जाने से बचें, क्योंकि यही समय दिन का सबसे गर्म होता है। सरकार ने सभी राज्यों को इस संदेश को आम जनता तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
500 लोगों पर एक पानी का स्टॉल अनिवार्य
सार्वजनिक आयोजनों के दौरान 500 लोगों पर कम से कम एक पानी का स्टॉल होना आवश्यक होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, एक व्यक्ति को दिनभर में कम से कम चार लीटर पानी पीना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।










