Haryana की बेटी को ‘नेशनल सर्विस एक्सीलेंस अवॉर्ड 2026’: अंग्रेजी साहित्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिला सम्मान
‘वोवन वर्ड्स’ और ‘अ हाउस फुल ऑफ डॉटर-इन-लॉज’ जैसी चर्चित पुस्तकों की लेखिका ने बढ़ाया प्रदेश का मान; जीव्रान फाउंडेशन ने साहित्य और बौद्धिक चिंतन को बढ़ावा देने के लिए किया सम्मानित

Haryana/चंडीगढ़
हरियाणा (Haryana) के जींद जिले की प्रतिभाशाली साहित्यिक शख्सियत और प्रख्यात लेखिका को अंग्रेजी साहित्य और रचनात्मक लेखन में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘नेशनल सर्विस एक्सीलेंस अवॉर्ड 2026’ (National Service Excellence Award 2026) से सम्मानित किया गया है। यह राष्ट्रीय सम्मान उन्हें ‘जीव्रान फाउंडेशन’ (Jivran Foundation) द्वारा प्रदान किया गया है।
एक प्रसिद्ध उपन्यासकार, कहानीकार और कवयित्री के रूप में उन्होंने अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। उनके इस सम्मान से न केवल जींद जिले बल्कि पूरे हरियाणा के साहित्यिक जगत में खुशी की लहर है।
इन चर्चित किताबों से बनाई Haryana की बेटी ने खास पहचान
Haryana की बेटी की रचनाएं मानवीय संवेदनाओं, गहन अनुभवों और रचनात्मक अभिव्यक्ति का सुंदर मिश्रण हैं। उनकी प्रमुख साहित्यिक कृतियों में शामिल हैं:
वोवन वर्ड्स (Woven Words) – काव्य संग्रह
अ हाउस फुल ऑफ डॉटर-इन-लॉज (A House Full of Daughters) – उपन्यास
लाइफ: द सैंक्चुअरी (Life: The Sanctuary)
साइलेंट प्रॉमिसेज (Silent Promises)
जीव्रान फाउंडेशन ने उनके साहित्यिक ज्ञान, रचनात्मकता और समाज में बौद्धिक चिंतन को बढ़ावा देने के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए इस सम्मान के लिए उनका चयन किया है।
Haryana की बेटी को “पति विकास विजयराज का मिला निरंतर सहयोग”
सम्मान प्राप्त करने के बाद अपनी खुशी व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार उनके लिए अत्यंत गर्व, खुशी और प्रोत्साहन का क्षण है।
उन्होंने इस राष्ट्रीय सम्मान को अपने पति विकास विजयराज को समर्पित किया। उन्होंने कहा, “मेरी इस साहित्यिक यात्रा में मेरे पति का निरंतर सहयोग, प्रोत्साहन और अमूल्य योगदान रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में और अधिक निष्ठा के साथ लिखने तथा साहित्य की दुनिया में अपना सार्थक योगदान जारी रखने के लिए प्रेरित करेगा।
Haryana की बेटी ने जींद और हरियाणा का बढ़ाया मान
उनकी यह उपलब्धि यह दर्शाती है कि हरियाणा और विशेषकर जींद क्षेत्र के रचनाकार देश के व्यापक साहित्यिक परिदृश्य पर अपनी अमिट छाप छोड़ रहे हैं। उनका यह मील का पत्थर आने वाले नए लेखकों, कवियों और युवा रचनाकारों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा।
